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गुलाम अली और मोदी के बीच व्यस्तता

Wed, 08 Apr 2015 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
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संकट मोचन संगीत समारोह में मशहूर पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली की ठुमरी, चैती की चुनिंदा बंदिशें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहकर भी नहीं सुन सकेंगे। इस छह दिनी संगीत समारोह की शुरुआत आठ अप्रैल को गुलाम अली समेत कई चोटी के कलाकारों की मौजूदगी में होगी।
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पीएम ने मंगलवार की शाम अपने ट्वीट में कहा कि ‘गुलाम अली साहब संकट मोचन में चाहते हैं कि मैं उनको सुनने के लिए आऊं। चाहता भी हूं लेकिन तीन देशों की यात्रा पर जाने का कार्यक्रम तय होने की वजह से वक्त नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से उस शाम मेरा इस मौके पर आना संभव नहीं हो सकेगा।’ पीएम ने संकट मोचन के महंत का अभिवादन भी किया है। इस बीच शाम को पीएमओ के सचिव हीरेन जोशी ने संकट मोचन के महंत से फोन पर बात कर उन्हें पीएम का संदेश दिया। जोशी ने बताया कि पीएम तीन देशों के दौरे पर बुधवार को जा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि अगले वर्ष प्रयास करूंगा कि जरूर आऊं।

अमर उजाला को दिए साक्षात्कार में गुलाम अली ने वजीरे आजम के संकट मोचन में आने की अपनी ख्वाहिश जाहिर की थी। पीएम मोदी ने संकट मोचन संगीत समारोह के आयोजक महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र को भी ढेरों बधाइयां दी हैं। जाने-माने कलाकारों के चयन से इस संगीत समारोह को दिलचस्प और आकर्षक बनाने के लिए भी तारीफ की है। उन्होंने उस्ताद गुलाम अली की भावना की कद्र करते हुए उनका शुक्रिया भी अदा किया है। कहा है कि अखबारों में छपी खबरें पढ़कर मुझे पता चला कि गुलाम अली साहब चाहते हैं कि मैं संकट मोचन के इस संगीत समारोह में उनकी प्रस्तुति के दौरान मौजूद रहूं।
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लेकिन उनकी ठुमरी, चैती, गजलें सुनने का यह अवसर मेरे लिए नहीं आ सकेगा। इसलिए कि जिस समय यह समारोह होगा, उस वक्त वहां पहुंचने के लिए मैं उपलब्ध नहीं रहूंगा। गुलाम अली साहब को सुनने का फिर कोई मौका आया तो मैं कोशिश करूंगा कि वो न छूटने पाए। पीएम ने आठ से 12 अप्रैल तक होने वाले इस संगीत समारोह में आने वाले सभी जाने-माने कलाकारों और संगीत प्रेमियों को भी शुभकामना दी है।
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