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वाराणसी: बदल गई गंगा की धारा, जानिए क्या है वजह

Mon, 18 Jan 2021 05:38 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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गंगा घाट। - फोटो : अमर उजाला।
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वाराणसी में गंगा की धारा बदल हुई नजर आ रही है। विश्वनाथ कॉरिडोर के मलबा-मिट्टी से ललिता घाट से मणिकर्णिका घाट के बीच गंगा का प्रवाह बदल गया है। यहां से गंगा दूर हो गई हैं। वहीं, दशाश्वमेध और मणिकर्णिका के बीच घाटों का संपर्क टूट गया है। काशी विश्वनाथ धाम की सीढ़ी के लिए तैयार की जा रही कंक्रीट की दीवार के चलते ऐसा हुआ है।

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इस कारण मणिकर्णिका घाट के महाश्मशान पर असर पड़ रहा है। अंतिम संस्कार से पहले शवों का गंगा में यहां प्रक्षालन कराने में समस्या आ रही है।

विश्वनाथ कॉरिडोर के लिए गंगा किनारे ललिता घाट से मणिकार्णिका घाट के बीच करीब 50 हजार वर्ग मीटर में सीढ़ी बननी है। सीढ़ी बनाने को गंगा किनारे पानी रोका जा रहा है। इसके लिए करीब 800 मीटर लंबाई और 200 मीटर चौड़ाई में मिट्टी डाली गई है। इसके बाद गंगा में करीब पांच मीटर गहराई तक आरसीसी दीवार खड़ी की जा रही है।

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ललिता घाट से काशी विश्वनाथ धाम जाने वाली सीढ़ियों पर होने लगा काम, कॉरिडोर के देखते पीएम मोदी। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
जिससे सीढ़ी का निर्माण किया जाएगा। जल का प्रवाह पहले ललिता घाट से जलासेन, मणिकर्णिका को छूते हुए आगे बढ़ता रहा। अब ललिता घाट से सीधे सिंधिया घाट की तरफ बह रहा है।

शवदाह की परेशानी
दशाश्वमेध घाट के किनारे सीढ़ियों से लोग मणिकर्णिका पैदल जाया करते हैं। लेकिन दीवार ने परेशानी खड़ी कर दी है। लोगों को वहां तक जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा रहा है। अब शवदाह मणिकर्णिका घाट से दूर हो रहा है। इस कारण शवदाह करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पैदल चलने पर रोक:
घाट किनारे डाली गई मिट्टी के ऊपर से पैदल चलने पर पाबंदी लगाई गई है। पूरे इलाके में आसपास बैरिकेडिंग की गई है। इलाके में तैनात सुरक्षाकर्मी पैदल जाने वाले लोगों को रोक देते हैं। इससे पैदल ही घाटों पर घूमने वाले पर्यटकों व श्रद्धालुओं को लौटना पड़ रहा है।
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