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गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी: वाराणसी में देव दीपावली और छठ पूजा पर संशय, इस साल तीसरी बार घाटों का संपर्क टूटा

Sun, 31 Oct 2021 01:16 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

गंगा के जलस्तर में रोजाना हो रही बढ़ोत्तरी के कारण अभी तक देव दीपावली की तैयारियां भी शुरू नहीं हो सकी हैं। अगर यही हाल रहा तो इस साल देव दीपावली के आयोजनों को सीमित करना पड़ जाएगा।
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अस्सी घाट की सीढ़ी पर चढ़ा पानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पहाड़ों पर हो रही बरसात से गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी है। बनारस में गंगा के जलस्तर में बढ़ाव से जहां नाविकों को चिंता सता रही है, वहीं पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग भी परेशान हैं। वहीं छठ पर्व का आयोजन करने वाले तथा देव दीपावली के आयोजकों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। अस्सी से राजघाट के बीच साल में तीसरी बार घाटों का संपर्क समाप्त हो गया है।
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केंद्रीय जल आयोग (सीडब्लूसी) के अनुसार शनिवार को सुबह से ही गंगा के जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ाव हो रहा था। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रात आठ बजे गंगा का जलस्तर 64.96 मीटर दर्ज किया गया। शाम पांच बजे से गंगा के जलस्तर में आधा सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ोत्तरी हो रही थी।

वहीं देव दीपावली और छठ के आयोजनों पर भी अब संशय के बादल मंडराने लगे हैं। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने बताया कि गंगा के जलस्तर में रोजाना हो रही बढ़ोत्तरी के कारण अभी तक देव दीपावली की तैयारियां भी शुरू नहीं हो सकी हैं। अगर गंगा का यही हाल रहा तो इस साल देव दीपावली के आयोजनों को सीमित करना पड़ जाएगा।
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कार्तिक मास में लंबे समय बाद गंगा के जलस्तर में बढ़ाव

वहीं गंगोत्री सेवा समिति के अध्यक्ष पं. किशोरी रमन दुबे ने बताया कि कार्तिक मास में लंबे समय बाद गंगा के जलस्तर में बढ़ाव देखा जा रहा है। जलस्तर में कमी नहीं हुई तो छठ पूजन और देवदीपावली के आयोजनों पर संशय की स्थिति बनी हुई है। देव दीपावली 18 नवंबर को है। 
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फिर हो सकता है पलायन

शहरी और ग्रामीण इलाकों के तटवर्ती क्षेत्रों में पानी बढ़ने लगा है। फिलहाल वाराणसी के गंगातट के घाटों का आपसी संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है। गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी के कारण वरुणा नदी के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोग सहमे हुए हैं। गंगा का जलस्तर अगर फिर 66 मीटर पर पहुंचा तो निचले इलाकों में रहने वालों को फिर घर छोड़ने की नौबत आ सकती है। गंगा की स्थिति पर जिला प्रशासन और एनडीआरएफ के साथ ही साथ जल पुलिस भी अलर्ट है।
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