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G20 Summit: वाराणसी पहुंचे विदेशी मेहमानों का शाही अंदाज में स्वागत, गुलशन सा सजा शहर

Sun, 16 Apr 2023 11:26 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए रविवार को इटली, ब्राजील, यूरोपीय यूनियन, फ्रांस, जापान, रसिया, सिंगापुर आदि देशों के मेहमान काशी पहुंचे।  एयरपोर्ट पर कहीं धोबिया नृत्य तो कहीं शहनाई वादन के बीच तिलक लगाकर प्रतिनिधियों की अगवानी हुई। 
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वाराणसी पहुंचे जी-20 के मेहमान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए रविवार को इटली, ब्राजील, यूरोपीय यूनियन, फ्रांस, जापान, रसिया, सिंगापुर आदि देशों के मेहमान काशी पहुंचे। मेहमानों का पारंपरिक तरीके से स्वागत हुआ। एयरपोर्ट पर कहीं धोबिया नृत्य तो कहीं शहनाई वादन के बीच तिलक लगाकर प्रतिनिधियों की अगवानी हुई।

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एयरपोर्ट रोड पर स्कूली बच्चों ने अलग-अलग देशों के झंडे के साथ विदेशी मेहमानों का स्वागत किया। जी-20 बैठक में शामिल होने वाराणसी पहुंचे मेहमानों का स्वागत लोक कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से किया। स्वागत से अभिभूत इस्राइल के प्रतिनिधियों ने कलाकारों से लोककला की प्राचीनता और इतिहास के बारे में जाना।

बाबतपुर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद मेहमानों का स्वागत बांदा के 15 सदस्यीय कलाकारों ने पाई डंडा और पारंपरिक लोक नृत्य दीवारी कला से हुआ। भगवान राम के अयोध्या वापसी पर बुंदेलखंड के कलाकारों ने लोक नृत्य और दीवारी मार्शल आर्ट्स का प्रदर्शन किया। तरना में विजय यादव के नेतृत्व में लोकनृत्य करमा की प्रस्तुति हुई। संत अतुलानंद तिराहा पर मुन्नालाल के नेतृत्व में धोबिया नृत्य, केंटोनमेंट होटल में राई व नटवरी लोकनृत्य से मेहमानों का स्वागत हुआ।
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वाराणसी में तैयार होगा वैश्विक कृषि का नया रोडमैप

वाराणसी पहुंचे जी-20 के मेहमान - फोटो : अमर उजाला
भारत समेत दुनिया के 20 विकासशील देशों में वैश्विक कृषि के विकास का नया रोडमैप काशी में तैयार होगा। 17 से 19 अप्रैल तक चलने वाले जी-20 सम्मेलन में कृषि, कृषि शिक्षा, अनुसंधान आदि मुद्दों पर भारत समेत 20  देशों के कृषि वैज्ञानिक मंथन करेंगे। इसके लिए वैज्ञानिकों और प्रतिनिधियों का समूह रविवार को काशी पहुंच गया।

रविवार को नदेसर स्थित तारांकित होटल में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक हिमांशु पाठक व सचिव संजय ने बताया कि सम्मेलन में विश्व स्वास्थ्य संगठन और वैश्विक व्यापार संगठन सहित कृषि के क्षेत्र में काम करने वाली कई संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

वाराणसी में की गई सजावट - फोटो : अमर उजाला
पहले दिन 17 अप्रैल को सुबह नौ बजे केंद्रीय मंत्री वीके सिंह सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। सम्मेलन में पोषण, खाद्य सुरक्षा, जलवायु अनुकूल खेती बढ़ाने संबंधी बिंदुओं पर चर्चा होगी। सम्मेलन का विषय वसुधैव कुटुंबकम है। वन अर्थ, वन फैमिली और वन फ्यूचर का संदेश भी इसी के माध्यम से दिया जाएगा।
डॉ. हिमांशु ने कहा कि देश के 60 शहरों में कुल 200 सम्मेलन होने हैं, 100वां सम्मेलन काशी में होना गौरव की बात है। इसमें कृषि के क्षेत्र में विकास से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा होगी। अब तक हुए सम्मेलन में 110 अलग अलग देशों से 12300 से अधिक प्रतिभागी शामिल हो चुके हैं। पूरे विश्व की 85 प्रतिशत जीडीपी, कुल व्यापार का 75 प्रतिशत व्यापार जी 20 देशों में होता है।

काशी की धरोहरों को जानेंगे, गंगा आरती भी देखेंगे

डॉ. हिमांशु पाठक ने बताया कि सम्मेलन में आने वाले मेहमान अलग-अलग सत्रों में चर्चा के दौरान काशी की धरोहरों को भी जानेंगे। पहले दिन चर्चा के बाद शाम को मेहमान गंगा आरती देखेंगे। नमो घाट से क्रूज पर सवार होकर सिंधिया घाट होते हुए दशाश्वमेध घाट जाएंगे। घाट और क्रूज पर लोकनृत्य कहरवा, बमरसिया की प्रस्तुति होगी। इसकेे बाद 18 अप्रैल को उन्हें सारनाथ ले जाया जाएगा।  बुद्धा थीम पार्क में मेहमानों के लिए सांस्कृतिक संध्या का आयाेजन किया जाएगा। यहीं पर रात्रिभोज होगा।

काशी से रखा जाएगा महर्षि का प्रस्ताव

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक ने बताया कि काशी से ही महर्षि यानी मिलेट्स एवं आदर्श एनसिएंट ग्रेन इंटरनेशनल रिसर्च इनिसिएटिव का प्रस्ताव रखा जाएगा। तीन दिवसीय सम्मेलन में मोटे अनाज को आधार बनाकर महर्षि प्रस्ताव पर सभी देशों के कृषि वैज्ञानिक चर्चा करेंगे। फूड सिक्योरिटी, डिजिटल एग्रीक्लचर, पीपीपी मॉडल पर भी मंथन किया जाएगा। संभावना है कि जी 20 के देश इसे अपनाने के लिए आगे आएंगे। सैद्धांतिक रूप से अगर सहमति बनी तो इसे आगे बढ़ाया जाएगा।
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जी-20 में शामिल हैं ये देश

संकटमोचन के आंगन में जीवंत हुई विश्वगुरु की कल्पना - फोटो : अमर उजाला
अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, यूरोपीय संघ, जर्मनी, फ्रांस, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्किये, यूनाइटेड किंगडम और यूएसए।
 
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