लंका पुलिस की पूछताछ में आरोपी कमलेश उर्फ कुमेश ने बताया कि श्रवण से अच्छी दोस्ती थी। साथ में रोजाना उठना-बैठना था। मलहिया में ही एक युवती से प्रेम करता था, जिसे श्रवण भी चाहता था। श्रवण की नजदीकियां युवती से अधिक हो गई थी। इसे लेकर कई बार श्रवण को समझाया भी था लेकिन वह नहीं माना। तब प्रेमिका को पाने की राह में रोड़ा बन रहे श्रवण को मारने की योजना बनाई।
श्रवण की हत्या के बाद उसके घर के बाहर जुटे परिजन और गांव के लोग।
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वारदात को अंजाम देने के लिए योगेश्वर राजभर उर्फ राजा राय उर्फ बंगाली और एक अन्य दोस्त को तैयार किया। योजना के अनुसार दो दिन पहले श्रवण राजभर को मलहिया पुलिया के नीचे शराब पीने के बहाने बुलाया था, लेकिन किसी कारण उस दिन घटना को अंजाम नहीं दे सका। फिर दो दिन बाद आठ मार्च 2022 को श्रवण को उसी जगह शराब पार्टी के लिए फिर से बुलाया।
श्रवण स्कूटी से मलहिया पुलिया के पास अपनी स्कूटी जैसे ही उतरा कि उसे दबोच लिया। अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी चाकू से गोदकर हत्या कर दी। पेट और गला रेतकर उसे मौत के घाट उतारा गया था। गिरफ्तारी टीम को डीसीपी काशी ने पुरस्कृत किया।