प्रयागराज के करैली निवासी शाइन सिटी कंपनी के सीएमडी राशिद नसीम और एमडी आसिफ नसीम ने शिवपुर स्थित सेंट्रल जेल रोड पर कार्यालय खोला था और इसके बाद दोनों भाइयों ने प्रोजेक्ट में निवेश कराने और एक ही जमीन को कई लोगों को रजिस्ट्री कराने, अधिक प्लॉट बिकवाने पर गोवा, बैंकाक, मलेशिया की सैर कराने से लेकर कार व बुलेट तक उपहार में देने की स्कीम के बहाने लोगों के साथ धोखाधड़ी की। शिक्षकों, चिकित्सकों और अन्य कई लोगों का अरबों लेकर फरार सीएमडी-एमडी के बारे में पुलिस को कोई ठोस जानकारी नहीं है।
वाराणसी में 25-25 हजार रुपये और लखनऊ में 50-50 हजार रुपये का नाम दोनों भाइयों पर रखा गया। पिछले साल पुलिस ने सीएमडी-एमडी के कर्ताधर्ता कंपनी में निदेशक की भूमिका में रहने वाले लक्सा निवासी अमिताभ श्रीवास्तव को नई दिल्ली स्थित बसंतकुंज से गिरफ्तार किया था। पुलिस की पूछताछ में अमिताभ श्रीवास्तव ने यह जानकारी दी थी कि सीएमडी-एमडी दोनों भाई दुबई में हीरा और होटल व्यवसाय से जुड़ गए हैं।
जमीन की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी करने वाले कालोनाइजरों और कंपनियों के एजेंटों की कुंडली पुलिस खंगाल रही है। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिनके खिलाफ थाने में दो से तीन मुकदमे भी धोखाधड़ी के दर्ज हैं, उनके रिकार्ड फिर से नए सिरे से खंगाले जाए। यही नहीं, प्लाट और फ्लैट मामले में पीड़ितों की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र पर तत्काल जांच कर रिपोर्ट लगाएं।