वाराणसी में शुक्रवार की रात असलहा तस्करों ने लंका थाने के सिपाही को गोली मार दी। पुलिस पर फायरिंग की घटना ने चार साल पुराने मामले को ताजा कर दिया। चार साल पहले दरोगा को गोली सीने पर मारी गई थी। रोहनिया के देरखूं में बदमाशों ने गोली मारकर सरकारी पिस्टल लूटी थी।
वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस के इकबाल को असलहा तस्करों ने चुनौती दी है। चार साल पहले रोहनिया थाना क्षेत्र के दरेखू में दरोगा अजय यादव को गोली मारकर बदमाशों ने सरकारी पिस्टल लूट ली थी। नवंबर 2022 को लक्सा थाने में तैनात दरोगा के सीने पर गोली मारकर पिस्टल लूटने वाले सगे दो सगे भाइयों बिहार समस्तीपुर निवासी मनीष सिंह और रजनीश सिंह को कमिश्नरेट की पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था।
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तत्कालीन पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश के नेतृत्व में इनामी बदमाशों का हरहुआ में एनकाउंटर हुआ था। तब पुलिस को चकमा देकर उसका भाई लल्लन सिंह भाग निकला था जिसे चार महीने पहले एसटीएफ लखनऊ के इंस्पेक्टर अंजनी पांडेय ने सहारनपुर में मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। लल्लन सिंह एक लाख रुपये का इनामी था।
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कमिश्नरेट में बदमाशों की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस कर्मी पर जान लेने की नियत से फायरिंग की घटना इससे पहले नहीं हुई थी। 13 साल पहले वाराणसी जिला जेल के डिप्टी जेल अनिल त्यागी की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या की थी। 23 नवंबर 2013 की सुबह कैंट थाना क्षेत्र के मानसिक अस्पताल पांडेयपुर में एक जिम के बाहर अनिल त्यागी की अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या हुई थी। बागपत जेल में मारे गए माफिया मुन्ना बजरंगी के इशारे पर डिप्टी जेलर त्यागी की हत्या को अंजाम दिया गया था।
राज को छुड़ाने के लिए अमित के हाथ पर मारी पहली गोली, दूसरी पेट में
छापे के दौरान कांस्टेबल अमित शुक्ला ने हिम्मत दिखाई और एक आरोपी राज को दबोच लिया था। इस बीच दूसरे आरोपी अंजनी ने पिस्टल से लक्ष्य साधकर फायरिंग कर शुरु कर दी। बचाव करते हुए अमित ने आरोपी राज को कसकर पकड़ लिया। हालांकि दोस्त को छुड़ाने के चक्कर में आरोपी ने लगातार फायरिंग शुरु कर दी। पहली गोली अमित के सिर पर मारी लेकिन वह बच गए। जब हाथ नहीं छोड़ा तो आरोपी ने अमित के बांह पर गोली मारी। जैसे ही गोली लगी वैसे ही अमित की पकड़ ढीली पड़ गई। इसके बाद आरोपी अंजनी ने दो राउंड फायरिंग की जिसमें पेट में गोली लगी। अमित के जमीन पर गिरते ही चंगुल से दोनों बदमाश सुंदरपुर से नरिया तिराहे की ओर भाग निकले। पीछे से पहुंचे दो अन्य सिपाहियों ने आसपास के लोगों की मदद से बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले गए।
पेट में गोली का कुछ अंश फंसा
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के चिकित्सकों ने बताया कि सिपाही के पेट से गोली होते हुए पीठ की तरफ से निकलीं। दूसरी गोली बाएं हाथ के केहुनी के पास लगी। पेट के पास गोली का कुछ अंश संभवत: फंसा है। ऑपरेशन के जरिए उसे निकाला जाएगा। फिलहाल सिपाही को आक्सीजन पर रखा गया है।
गेस्ट हाउस और हाॅस्टल बन गए हैं अवैध असलहों और मादक पदार्थों के केंद्र
भेलूपुर के दुर्गाकुंड, कबीरनगर, अस्सी, लंका, नगवा, सामनेघाट, चितईपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में बिहार के आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का ठिकाना है। बॉयज हाॅस्टल और गैर पंजीकृत गेस्ट हाउस से अवैध असलहों, शराब, गांजा की तस्करी हो रही है। हाॅस्टल में कमरा किसी के नाम पर, रह कोई और रहा है। कुछ गेस्ट हाउस है जिसमें बिना आईडी के लोगों को ठहराया जा रहा है। मिनी बिहार कहे जाने वाले सामनेघाट में अधिकतर किरायेदार बिहार के रहने वाले हैं। लंका पुलिस की ओर से किसी का सत्यापन नहीं किया गया है।
चार महीने पहले नगवा के गायत्री नगर काॅलोनी एक लॉज में 9 जून को संदिग्ध हाल में गोली चलने से चितईपुर के टिकरी निवासी सोनू यादव की मौत हो गई थी। अवैध असलहे से ही गोली चली थी। लंका पुलिस ने अवैध पिस्टल भी बरामद की थी। सोनू के सीने में गोली लगी थी, बाद में परिजनों ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद कुछ दिन तक पुलिस ने आसपास के काॅलोनियों में गेस्ट हाउस और किरायेदारों की तफ्तीश की, बाद में मामला शांत हो गया था।