सिपाहियों के बुलाने पर दरोगा भी वहां पहुंचे। तब तक विकास के बुलाने पर उसके पिता सुरेंद्र और अन्य लोग मौके पर आ गए। इसके बाद सभी दरोगा और सिपाहियों को घसीट कर अपने घर के पास ले गए और मारपीट कर उनकी वर्दी फाड़ कर सोने की चेन छीन लिए। दरोगा सुनील की तहरीर के आधार पर लंका थाने में बीजेपी नेता सुरेंद्र, उनके बेटे विकास सहित सात नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ 19 धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
शनिवार को मुकदमे से हत्या का प्रयास, लूट और अपहरण की धाराएं हटाए जाने के बाद अपर जिला जज प्रथम प्रदीप कुमार सिंह की अदालत ने आरोपी भाजपा नेता सुरेंद्र पटेल और उनके भाई अधिवक्ता वीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ बिंदू की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। आरोपियों का पक्ष अदालत में अधिवक्ता अनुज यादव ने रखा। वहीं, इस प्रकरण की जांच अब सीओ भेलूपुर प्रीति त्रिपाठी को सौंप दी गई है।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि वीडियो क्लिप देखी गई। उसमें अपहरण, लूट और हत्या के प्रयास की पुष्टि नहीं हुई। दरोगा की तहरीर में भी कुछ भ्रमात्मक बातें है, जैसे कि रात 10 बजे दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरने लगे। इसलिए हत्या का प्रयास, लूट और अपहरण की धारा हटा ली गई हैं। किसी के भी प्रति हम गलत तरीके से कार्रवाई के लिए इजाजत नहीं दे सकते हैं, जो सही है, उसी के आधार पर कार्रवाई होगी।