मौके पर मौजूद एक कर्मचारी को अस्पताल बंद करने और भर्ती मरीजों को दूसरे जगह भर्ती कराने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा सहयोग हास्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर, वेदांशी हास्पिटल न्यूरो एंड ट्रामा सेंटर का पंजीयन नवीनीकरण नही कराया गया है। दोनों अस्पतालों में मरीज भर्ती कर इलाज किया जा रहा था।
प्राइवेट अस्पताल का निरीक्षण करती टीम
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इन अस्पतालों के पास फायर सेफ्टी का एनओसी भी नहीं था। इसके साथ ही नोबल मेडिसिटी हॉस्पिटल का पंजीयन पूर्व में ही निरस्त किया जा चुका है लेकिन निरीक्षण के दौरान यह भी अस्पताल संचालित मिला। सीएमओ ने बताया कि पंजीकरण नियमों का उल्लंघन करने के मामले में सभी अस्पतालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए थानों को पत्र भेजा जा चुका है।
चौबेपुर के रजवारी क्षेत्र में बिना डिग्री के क्लीनिक चलाने की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच कराई गइ। सीएमओ ने बताया कि निरीक्षण के दौरान क्लीनिक पर एक व्यक्ति मिला, जिसके पास कोई भी डिग्री नहीं था। उनके द्वारा अंग्रेजी दवाओं एव इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा था।
मौके पर आरएस, डीएनएस की खाली बोतलें मिलीं, जिससे प्रतीत होता है कि वह मरीज भर्ती करके इलाज करते हैं। सीएमओ ने बताया कि चौबेपुर पुलिस को बिना डिग्री, पंजीकरण के क्लीनिक चलाने वाले सुभाष सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए अवैध रूप से संचालित क्लीनिक को बंद करवाने का निर्देश दिया। इसके बाद मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में संचालित चिकित्सा प्रतिष्ठान को सील करा दिया गया है।
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