वाराणसी के कैंट रोडवेज क्षेत्र स्थित एक होटल के कमरे से बिहार सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री मंत्री तेजप्रताप यादव का सामान निकाल कर रिसेप्शन काउंटर पर रख दिया गया। शुक्रवार देर रात जिस समय सामान निकाला गया, उस दौरान तेजप्रताप होटल में नहीं थे। घटना को लेकर मंत्री के निजी सहायक ने सिगरा थाने में होटल प्रबंधन के खिलाफ तहरीर दी। निजी सहायक के अनुसार, तेजप्रताप यादव शुक्रवार को कैंट रोडवेज क्षेत्र स्थित होटल के कमरा नंबर 206 में ठहरे हुए थे। कमरा नंबर 205 में उनके निजी सहायक और सुरक्षा कर्मी ठहरे थे। मंत्री तेज प्रताप यादव दर्शन-पूजन और गंगा में नौकायन कर होटल वापस लौटे तो उनका सामान रिसेप्शन काउंटर पर रखा हुआ मिला। उनके निजी सहायक और सुरक्षा कर्मियों का कमरा भी खाली करा दिया गया था।
होटल के मैनेजर संदीप पालित ने इस पूरे मामले में अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि तेजप्रताप यादव के कमरे का नहीं बल्कि उनके सुरक्षाकर्मियों के कमरे सामान बाहर निकाला गया। इसका कारण भी उन्होंने बताया। कहा कि छह मार्च को देर रात बुकिंग आई। कमरा खाली नहीं था लेकिन किसी तरह से मैनेज किया। बुकर को पहले से जानकारी दी गई थी कि छह तारीख तक के लिए ही रूम खाली है। सात और आठ अप्रैल को कमरा नहीं है। बुकर ने कहा कि एक ही रात रुकेंगे। अगले दिन 12 बजे चेक आउट कर चले जाएंगे।
रात में तेजप्रताप यादव कुछ अन्य लोगों के साथ आए। संदीप पालित ने बताया कि अगले दिन सुबह तेजप्रताप यादव मंदिर जा रहे थे। इस दौरान उन्होंने बुलाकर कहा आज के लिए भी रूम चाहिए। जिसके बाद मैंने ग्रुप लीडर से बात करने की बात कही। ग्रुप लीडर से बातचीत करने के बाद एक रूम देने की बात हुई। और दूसरा कमरा खाली करने के लिए कहा। जिससे मैं अगले को दे सकूं।
जिसके बाद उन्होंने दूसरा कमरा खाली करने की बात कही। सुबह से से शाम हो गई मगर कमरा खाली नहीं हुआ। कमरे में ठहरने वाला गेस्ट होटल आ चुका था। वो करीब तीन घंटे तक इंतजार किया। इसके बाद मैं खुद कमरा नंबर 205 में गया। कमरे में अटेंडेंट और बुकर की बातचीत करने के बाद सामान को शिफ्ट करवा दिया। तेजप्रताप यादव वाला कमरा नंबर 206 अभी भी बंद है। उनकी मौजूदगी के बगैर हम लोग कमरा नहीं खोल सकते।