उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले की पुलिस ने पूर्व बीएसए सहित पांच के खिलाफ भ्रष्टाचार सहित अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि पूर्व बीएसए ने सरकारी जीप को कंडम घोषित कराए बिना 230 दिन तक चलाया।
उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) वाराणसी सेक्टर थाने में मंगलवार को पूर्व बीएसए जय सिंह सहित पांच के खिलाफ भ्रष्टाचार सहित अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई। खुली जांच में सामने आया कि तत्कालीन बीएसए जय सिंह ने सरकारी जीप को कंडम घोषित कराए बिना 230 दिन तक चलाया। साथ ही 1000 रुपये प्रतिदिन की दर से 2.29 लाख की जगह 2.30 लाख रुपये भुगतान ले लिया। इससे राज्य सरकार को नुकसान हुआ।
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वहीं, ट्रैक्टर के नंबर को बोलेरो का बताकर 1.28 लाख रुपये का भ्रष्टाचार किया गया। पूर्व बीएसए जय सिंह और बीएसए कार्यालय के सहायक वित्त व सर्व शिक्षा अभियान के लेखाधिकारी पवन कुमार वर्मा, अखिलेश सिंह, वाहन मालिक राजेंद्र द्विवेदी और मो. इकबाल की मिलीभगत सामने आई। इन सबने मिलकर वाहन मालिक राजेंद्र कुमार द्विवेदी को अनियमित तरीके से लाभ पहुंचाया।
उप्र सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी सेक्टर थाना के इंस्पेक्टर अखिलेश राय ने बताया कि पूर्व बीएसए के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच चल रही है। उन्होंने ट्रैक्टर को बोलेरो दिखाकर बिना किसी टेंडर या अनुबंध के सितंबर 2019 से जनवरी 2020 तक सरकारी कार्य के लिए प्रयोग करना दिखाया। साथ ही 128 दिन का 1000 प्रतिदिन की दर से 1.28 लाख रुपये का फर्जी बिल लगाकर भुगतान करा दिया। इसकी धनराशि मो. इकबाल खान के खाते में भेजी गई।