प्रो. त्रिपाठी ने बताया कि उस नंबर की खतौनी निकाले जाने पर पता चला कि जौनपुर, रासमंडल, मछरहट्टा निवासी अवनींद्र दत्त दुबे ने वर्ष 2019 में खतौनी में अपना नाम चढ़वा लिया है। कुलपति ने बताया कि इसकी सूचना राजभवन और प्रदेश सरकार को दी गई।
विश्वविद्यालय का नाम दर्ज कराने के लिये गत दिनों कुलपतियों की बैठक में मुख्यसचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने वाराणसी जिला प्रशासन को सहयोग करने का निर्देश दिया था। विश्वविद्यालय का नाम दर्ज कराने के लिये एक समिति का गठन भी किया गया है, जो कि विधिक रूप से विश्वविद्यालय के अधिवक्ता के सहयोग से नाम दर्ज कराएगी।