उन्होंने बताया कि 30 जून तक जो भी आवेदन आए हैं, अब उनकी जांच के बाद नियमानुसार प्रवेश लेने वालों की सूची संकाय की ओर से जारी की जाएगी। इंटीग्रेटेड मेडिसिन में भी छात्रों की रुचि अधिक दिख रही है।
बीएचयू में पिछले साल दिसंबर से भूत विद्या यानि साइंस आफ पैरानॉर्मल पढ़ाई की मान्यता मिली थी। बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में छह महीने का सर्टिफिकेट कोर्स कराया जाता है। इसमें मनोचिकित्सा संबंधी विकारों, उपचार और मनोचिकित्सा के बारे में बताया जाता है।