फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi News: 4 दिन 5 नदियों के जल को रुद्र मंत्रों से अभिमंत्रित कर बाबा का करेंगे अभिषेक

विज्ञापन
महमूरगंज ​स्थित श्रृंगरी मठ में यज्ञ करते । अमर उजाला
विज्ञापन
विश्व में विभिन्न देशों में चल रहे युद्ध और फैले अशांति के बीच काशी में विश्व के कल्याण और शांति के विविध अनुष्ठान हो रहे हैं। मंगलवार को महमूरगंज स्थित शृंगेरी मठ में दक्षिण भारत से आए 121 वैदिक विद्वान अतिरुद्र महायज्ञ शुरू हुआ। गंगा, त्रिवेणी, रामेश्वर और तमिलनाडु की प्रख्यात तामिरवरणी नदी के जल से पूरित 28 कलशों का पूजन हुआ। चार दिनों तक 1332 अति रुद्र के पारायण के बाद इसी जल से श्रीकाशी विश्वनाथ का अभिषेक होगा।
विज्ञापन

तमिलनाडु के कन्याकुमारी में स्थित अरुण मेघु मार्तिक मंदिर की ओर से काशी में तीसरी बार चार दिवसीय अति रुद्र महायज्ञ शुरू हुआ। शिवा स्वामी शास्त्री के आचार्यत्व में सुबह विधिवत कलश स्थापना की गई। इसमें पांच नदियों के जल से भरा गया। तीन प्रधान कलश, छह मध्यम और 19 लघु कलश का पूजन हुआ। गणपति यज्ञ से अनुष्ठान की शुरुआत हुई। 121 वैदिक विद्वान अति रुद्र का स्वस्वर पारायण हुआ। सुबह से रात तक मंत्र गूंजते रहे। 12 वैदिक विद्वानों ने यज्ञशाला में मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दीं। शिवा स्वामी शास्त्री ने बताया कि पूजित कलशों के जल से अंतिम दिन श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा का अभिषेक होगा। प्रतिदिन सुबह छह से दिन में एक बजे तक यज्ञ, पारायण और शाम को 5:15 बजे से रात आठ बजे तक रुद्र पारायण होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें