फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Flood in Varanasi: काशी में बाढ़... 90 गांवों में बह रहीं गंगा, राहत शिविर में पहुंचे 5000 लोग, फसलें बर्बाद

Thu, 07 Aug 2025 02:49 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: काशी में बाढ़ के चलते लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। कोई रिश्तेदारों के घर में शरण लिया है तो कोई राहत शिविर में। हालांकि गंगा का जलस्तर अब घटने लगा है।
विज्ञापन
Flood in Varanasi - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तीन तहसील, 28 मोहल्ला व वार्ड और 90 गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। कुल सक्रिय राहत शिविर 23 और चिह्नित राहत शिविर 46 हैं। लगभग 5000 लोगों ने राहत शिविर और बाकी अपने पड़ोसियों व अन्य जगहों पर शरण ले ली है। कुल 8352 किसान प्रभावित हैं। 2208 हेक्टेयर फसल भी नुकसान हो गई है।

विज्ञापन


बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंची 'दीक्षा', बांटी गई राहत सामग्री
दीक्षा महिला कल्याण शोध संस्थान ने हुकुलगंज में बाढ़ प्रभावित लोगों और जरूरतमंदों के बीच राहत सामग्री वितरित की। दूध, बिस्किट, नमकीन पैकेट लेकर नाव से निकले संस्था के लोग सैकड़ों परिवारों तक गए।

संस्था की अध्यक्ष संतोषी शुक्ला ने पदाधिकारियों के साथ बच्चों के लिए दूध-बिस्किट सहित अन्य सामग्रियां बांटी। बाढ़ में जीवनयापन कर रहे लोगों के घरों तक राहत सामग्री पहुंचाई गई। बताया कि बाढ़ के कारण कई परिवार विस्थापित हो गए हैं और उनके पास बुनियादी आवश्यकताओं की भारी कमी है। ऐसे में संस्था का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाई जा सके। संस्था के दीपू शुक्ला, आशुतोष ओझा, शगुप्ता परवीन, श्वेता श्रीवास्तव, शोभा देवी आदि लोग रहे।
विज्ञापन


इस दौरान बाढ़ का दंश झेल रहे लोगों ने संस्था से पीने के लिए और पानी की मांग की। घर की छतों पर जीवनयापन कर रहे लोगों ने बताया कि प्रशासन और सामाजिक संगठन के लोग आकर राहत सामग्री बांट रहे हैं, लेकिन पीने वाले पानी की ज्यादा दिक्कत हो रही है। दिनभर में एक बोतल पानी मिल जाए तो काफी मेहरबानी होगी।

Flood in Varanasi - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के प्रोफेसरों-छात्रों ने 200 से ज्यादा पीडितों को बांटी सामग्री
बीएचयू के प्रोफेसरों और छात्रों ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में 200 से ज्यादा पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी। कामर्स फैकल्टी के डॉ. अवधेश सिंह के नेतृत्व में 30 से ज्यादा छात्र और छात्राओं के दल ने पीड़ित परिवारों को बिस्किट और खाद्यान्न वितरण किया। इस दौरान डॉ. पंकज सिंह, डॉ. शार्दुल चौबे, डॉ. जितेंद्र पांडे, प्रियांशु सत्यम, शिवम तिवारी, वंदना, सुमन, मुरारी, शक्ति मौजूद रहे।  

Flood in Varanasi - फोटो : अमर उजाला
मेयर के साथ डीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा, बच्चों को बांटे चाकलेट
मेयर अशोक कुमार तिवारी के साथ बुधवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने जल पुलिस के मोटर बोट से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने मोटरबोट से हरिश्चंद्र घाट, रविदास घाट, सामने घाट, ज्ञान प्रवाह आदि प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ राहत के लिए किये जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान मेयर एवं डीएम ने छोटे-छोटे बच्चों को बिस्किट, चॉकलेट उपलब्ध कराए।

उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी समस्याओं के बारे में भी उनसे वार्तालाप की। लोगों को आश्वस्त किया कि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके बाद मेयर और डीएम ने काशी इंट्रीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर आकर वहां से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया।

इसे भी पढ़ें; UP: लगातार नौ दिन बढ़ा पांच मीटर जलस्तर, विश्वनाथ मंदिर द्वार से 12 सीढ़ी नीचे गंगा, नमो घाट तीसरे दिन भी बंद

विज्ञापन

Flood in Varanasi - फोटो : अमर उजाला
घुटने भर पानी में चलकर शव को दिया कंधा
वरुणा नदी के किनारे गरीब बस्ती शैल पुत्री अमरपुर मड़िया में 80 वर्षीय शोभना देवी का निधन हो गया तो परिजन शव को कंधे पर रखकर घुटने भर पानी में लेकर अंतिम यात्रा पर निकल पड़े। करीब 300 मीटर तक पैदल चलकर वाहन पर शव को रखा गया। वरुणा नदी में सिंधवा घाट किनारे गरीब बस्ती के बाढ़ पीडि़तों ने आरोप लगाया कि उन तक राहत सामग्री नहीं पहुंची है। न ही बच्चों के लिए दूध और दवा। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें