वाराणसी में कुष्ठ रोग उन्मूलन की दिशा में चल रहे अभियान में साल दर साल सफलता मिल रही है। पांच साल पहले जिले में कुल 303 रोगी थे। अब इनकी संख्या 79 हो गई है। 2021 में जिले के अलग-अलग ब्लॉकों से कुल 26 नए रोगी मिले हैं। सबसे अधिक काशी विद्यापीठ ब्लॉक में सात मरीज मिले।
चिरईगांव में चार, आराजी लाइन में तीन, सेवापुरी में पांच, हरहुआ में एक बड़ागांव में तीन, पिंडरा में दो और शहरी क्षेत्र में एक नया कुष्ठ रोगी मिला था। चोलापुर ब्लॉक में एक भी रोगी नहीं पाया गया। हर साल तीस जनवरी को अंतरराष्ट्रीय कुष्ठ रोग रोकथाम दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य कुष्ठ रोग के प्रति जागरुकता और रोकथाम है।
कुष्ठ रोग को हराने में काशी पूरे प्रदेश में रोल मॉडल
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. राहुल सिंह का कहना है कि साल दर साल कुष्ठ रोगियों की संख्या में कमी बड़ी सफलता है। कुष्ठ रोग से मुक्ति के लिए समय पर इलाज जरूरी है। जिले के सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर कुष्ठ रोगियों की निशुल्क इलाज की व्यवस्था है। बताया कि कुष्ठ रोग को हराने में काशी पूरे प्रदेश में रोल मॉडल है।