बिजली निगम नगर निगम के पावर हाउस को ई-हाउस प्रणाली पर शिफ्ट करेगा। इसमें जगह बचाने के लिए पावर ट्रांसफॉर्मर को बाहर छोड़कर समूचे बिजली सिस्टम को एक कंटेनर में लगा दिया जाता है। हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम से उसकी निगरानी होती है। इसके अलावा गोदौलिया, बेनियाबाग, भदैनी, विद्यापीठ और मैदागिन में जीआईएस (गैस इंसुलेटेड स्विचगियर) सिस्टम आधारित विद्युत उपकेंद्र बनेंगे। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी शंभू कुमार ने कहा कि इसके लिए काम शुरू हो गया है।
1040 करोड़ से विश्वस्तरीय बनेगी काशी की बिजली व्यवस्था
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार ने कहा कि वाराणसी शहर की बिजली व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 1040 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। शहर की बिजली व्यवस्था स्वचालित यंत्रों से लैस स्काडा सिस्टम से संचालित की जाएगी। वह शनिवार को पूर्वांचल डिस्कॉम में पत्रकार वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि शहर में काम होने के बाद बिजली आपूर्ति में न्यूनतम ट्रिपिंग और व्यवधान होगा। उन्होंने कहा कि 312 करोड़ रुपये खर्च कर स्मार्ट शहर में स्मार्ट डिस्ट्रीब्यूशन प्रणाली की स्थापना की जाएगी। 50 बिजली घरों को स्काडा सिस्टम से संचालित किया जाएगा। 11 केवी के ओवरहेड फीडरों की निगरानी ड्रोन से होगी। फीडरों को इस प्रकार जोड़ा जाएगा कि फॉल्ट आने पर उसे अलग कर उपभोक्ताओं को दूसरे फीडर से आपूर्ति की जा सके। नगर के व्यस्त चौराहों पर केबल भूमिगत करने, सड़कों से ट्रांसफॉर्मर और बांस-बल्ली हटाने के लिए 513.58 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई है।