27 जून की रात गौ ज्ञान फाउंडेशन की सूचना पर रामनगर पुलिस ने भीटी हाइवे से 16 ऊंट को ट्रक से बरामद किया था। बागपत से इन ऊंटों को तस्करी कर बंगाल ले जाया जा रहा था। जिला प्रशासन के आदेश पर रामनगर पुलिस ने भीटी स्थित अहाते में रखा। गौ ज्ञान फाउंडेशन ने सभी ऊंटों को राजस्थान के सिरौही भिजवाने का मुद्दा उठाया तो मामला कोर्ट में चला गया।
इसी बीच 24 जुलाई को एक ऊंट ने दम तोड़ दिया। पांच माह तक कोर्ट कचहरी में बीत गए। इस दौरान रामनगर पुलिस ने बचे 15 ऊंट को उचित खानपान और पालन पोषण के लिए रामनगर समेत अन्य क्षेत्र के रहने वाले पशु पालकों को हलफनामा शपथपत्र लेकर सौंप दिया।
29 अगस्त को एक और ऊंट की मौत हो गई। नवंबर में दो और ऊंटों ने दम तोड़ दिया था। बचे हुए 12 ऊंटों की अंतरिम अभिरक्षा गौ ज्ञान फाउंडेशन को सौंपने का आदेश पिछले एक दिसंबर को एसीजेएम प्रथम नीतेश कुमार सिन्हा की कोर्ट ने रामनगर पुलिस को दिया है।
गौ ज्ञान फाउंडेशन के अधिवक्ता शशांक शेखर ने कहा कि जल्द ही ऊंटों को राजस्थान के सिरौही भिजवाया जाएगा। परिवहन के दौरान आने वाले खर्च की व्यवस्था में फाउंडेशन जुटी है। वहीं आर लता देवीआर लता देवी ने कहा कि बचे हुए सभी ऊंटों को राजस्थान के सिरौही स्थित पीपुल फार एनीमल रेस्क्यू केयर शेल्टर व अस्पताल भिजवाया जाएगा। इसके लिए फाउंडेशन अपनी तैयारियां कर रहा है।
थाना प्रभारी निरीक्षक (रामनगर) अश्वनी पांडेय ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर फाउंडेशन को कई बार पत्र भिजवाया गया कि ऊंटों को अपनी अभिरक्षा में लें। इस संबंध में थाने से अब तक चार बार सूचना फाउंडेशन को दी जा चुकी है।