वह अक्सर फोन पर प्रमोद का कुशलक्षेम पूछते थे, लेकिन कुछ दिनों से बात नहीं हो सकी थी। दंपती का फोन भी नहीं उठ रहा था। इसी वजह से प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव बुधवार की सुबह बागरियार सिंह मोहल्ला पहुंच गए। उन्होंने मृतक के घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। घर के अंदर से दुर्गंध आ रही थी।
इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। चेतगंज थाना प्रभारी राजेश सिंह पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर आए और दरवाजा तोड़कर घर में दाखिल हो गए। पुलिस के मुताबिक, दंपती के शव एक कमरे में बिस्तर पर पड़े थे। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि कुछ दिन पहले ही मौत हो चुकी थी। शरीर की हड्डियां तक दिखने लगी थीं।
चेतगंज पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और बयान भी दर्ज किए। पुलिस के मुताबिक, दंपती पिछले तीन-चार दिन से घर में ही थे। पड़ोसियों से बहुत ज्यादा संपर्क नहीं था। इससे पहले मृतक प्रमोद श्रीवास्तव के दो भाइयों की मौत हुई थी। साढ़ू पहुंचने के बाद पुलिस को जानकारी मिल सकी है। अगर जानकारी नहीं मिलती तो ऐसे ही शव पड़े रहते।
डीसीपी काशी आरएस गौतम ने कहा कि फॉरेंसिक टीम ने कमरे की छानबीन की और साक्ष्य जुटाए हैं। दंपती अक्सर बीमार रहते थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।
चेतगंज पुलिस अब दंपती की मौत की असली वजह तलाशने में लगी है। बताया जा रहा है कि दंपती की आर्थिक स्थिति खराब थी। ठंड लगने की भी आशंका है। दंपती बीमार रहते थे। दवाइयां चल रहीं थीं। फॉरेंसिक टीम को मौके से शुगर सहित अन्य बीमारियों की दवाइयां मिली हैं। बहरहाल, सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर पुलिस जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।