Mukhtar Ansari Death: चंदौली जिले के फेसुड़ा गांव के मूल निवासी शैलेंद्र सिंह वर्ष 2004 में एसटीएफ में डिप्टी एसपी के पद पर तैनात थे। कृष्णानंद राय हत्याकांड से पहले उन्होंने मुख्तार अंसारी के एलएमजी खरीदने का पर्दाफाश किया था। उन्होंने एलएमजी बरामद कर मुख्तार अंसारी के खिलाफ पोटा की कार्रवाई की थी।
मुख्तार अंसारी पर सबसे पहला आपराधिक 46 साल पहले वर्ष 1978 में गाजीपुर के सैदपुर थाने में दर्ज किया गया था। धमकाने से संबंधित इस एनसीआर के बाद अगले आठ वर्षों तक मुख्तार का नाम किसी आपराधिक घटना में सामने नहीं आया। साल 1986 में मुख्तार के खिलाफ गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाने में हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद जरायम जगत में उसकी पैठ इतनी गहरी हुई कि वह अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना बन गया। मुख्तार के खिलाफ आखिरी 65वां मुकदमा साल 2023 में गाजीपुर के मरदह थाने में धमकाने और आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य आरोपों में दर्ज किया गया था।
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एक ही जज ने दूसरी बार मुख्तार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी
एमपी/एमएलए कोर्ट वाराणसी के विशेष न्यायाधीश अवनीश गौतम की अदालत ने नौ महीने में दूसरी बार अंतरराज्यीय गिरोह (आईएस- 191) के सरगना मुख्तार अंसारी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। पांच जून 2023 को अवधेश राय हत्याकांड में मुख्तार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। उसके बाद 13 मार्च 2024 को गाजीपुर के फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
चंदौली निवासी डिप्टी एसपी को देना पड़ा था इस्तीफा
चंदौली जिले के फेसुड़ा गांव के मूल निवासी शैलेंद्र सिंह वर्ष 2004 में एसटीएफ में डिप्टी एसपी के पद पर तैनात थे। कृष्णानंद राय हत्याकांड से पहले उन्होंने मुख्तार अंसारी के एलएमजी खरीदने का पर्दाफाश किया था। उन्होंने एलएमजी बरामद कर मुख्तार अंसारी के खिलाफ पोटा की कार्रवाई की थी। इस पर तत्कालीन प्रदेश सरकार शैलेंद्र सिंह पर नाराज हुई और उन पर मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया था।
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इससे आहत शैलेंद्र सिंह ने पुलिस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया गया था। इस घटना के कुछ महीने बाद कैंट थाने में डीएम कार्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने मारपीट और तोड़फोड़ सहित अन्य आरोपों में शैलेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। वर्ष 2021 में योगी सरकार ने शैलेंद्र पर दर्ज केस वापस ले लिया। फिलहाल वह लखनऊ में रहकर आर्गेनिक खेती और गोसेवा के काम से जुड़े हुए हैं।