24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के लिए दमकल कर्मियों की ड्यूटी तीन शिफ्ट में आठ-आठ घंटे की लगाई है। सभी फायर स्टेशन में इस तरह की जिम्मेदारी फायर फायटर्स को दी गई है। ताकि आपात स्थिति में घटना स्थल पर तुरंत पहुंचकर आग पर काबू पाया जा सके और लोगों को रेस्क्यू कर सकें। एक साल में 15 बार आग की गलत सूचना दमकल विभाग को मिली। मौके पर पहुंचे तो पता लगा कि आग लगी ही नहीं है। दो हाईप्रेशर मिनी टैंकर, चार टीआरबी एंबुलेंस, आठ इमरजेंसी फायर बाइक के अलावा अन्य 36 संसाधन हैं।
43 मीटर ऊंची इमारत तक पहुंचने की क्षमता
दमकल विभाग के पास 43 मीटर ऊंची इमारत यानी 13 मंजिला भवन तक पहुंचने के लिए चार हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म हैं जबकि तीन फोम टेंडर। हाइड्रोलिक प्लेटफार्म ऊंची इमारतों तक पहुंचने के लिए जबकि फोम टेंडर ज्वलनशील तरल पदार्थ की आग को बुझाने के काम में आता है। फिलहाल शहर में 14 मंजिला से ऊपर की इमारत नहीं। रामनगर में 112 मीटर की इमारत प्रस्तावित है।
क्या कहते हैं अधिकारी
स्टाफ की संख्या बढ़ाने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। आग लगने की दिशा में कम उम्र के फायर फायटर्स को भेजा जाता है ताकि तुरंत एक्शन ले सकें। बहुमंजिला इमारत में बिना फायर सिस्टम लगाए एनओसी नहीं मिलती। वाराणसी में स्वीकृत संसाधन शत-प्रतिशत है। -आनंद सिंह राजपूत, मुख्य अग्निशमन अधिकारी