Varanasi News: बीएचयू के रेडियोथेरेपी विभाग में बिजली गुल हो जाने के कारण मरीजों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। इस कारण 50 से अधिक मरीज बैरंग हो गए। शॉर्ट सर्किट के कारण बत्ती गुल हुई थी।
बीएचयू अस्पताल के रेडियोथेरेपी विभाग के सेंटर में बुधवार रात आग लगने से गुरुवार को रेडियोथेरेपी नहीं हो सकी। 50 से अधिक कैंसर मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा। आग से जांच केंद्र में रखा यूपीएस जलकर राख हो गया।
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घटना की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। सूचना मिलने के बाद विभागाध्यक्ष ने टेक्नीशियन को बुलवाया। हालांकि, गुरुवार देर शाम तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया। मरीजों को कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।
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ओपीडी में आने वाले कुछ मरीजों को डॉक्टर जांच लिखते हैं तो कुछ को रेडियोथेरेपी की सलाह दी जाती है। गुरुवार को मरीज जब सीसीआई लैब के बगल में बने सेंटर पर पहुंचे तो वहां यूपीएस में खराबी की वजह से रेडियोथेरेपी यानी सेकाई नहीं होने की सूचना चस्पा थी। कर्मचारियों से पूछताछ में पता चला कि यूपीएस जल गया है, जिस कारण सेकाई नहीं हो सकी है।
बदलना पड़ सकता है यूपीएस
रेडियोथेरेपी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुनील चौधरी का कहना है कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड सहित अन्य जिम्मेदार लोगों को सूचना दे दी गई है। बताया कि अंदर पहुंचने पर देखा गया कि जिस मशीन से रेडियोथेरेपी की जाती है, उसके लिए लगाए जाने वाला यूपीएस पूरी तरह जलकर राख हो गया है। टेक्नीशियन को बुलाकर दिखवाया गया है। फिलहाल उसे बदलना पड़ सकता है। यूपीएस के बदलने के बाद ही सेवा बहाल हो पाएगी।