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महिला होमगार्ड की आत्महत्या का मामला: जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य, आरोपी का मोबाइल खंगाल रही पुलिस

Sat, 26 Sep 2026 10:53 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

महिला होमगार्ड की आत्महत्या के मामले में पुलिस हर पहलुओं पर जांच कर रही है। जांच में सामने आया कि आरोपी अजय ने अनुराधा को दवा कंपनी में शेयर होल्डर बनाने का झांसा दिया था। चार लाख रुपये लोन भी कराया था। ऐसे में पुलिस उसके मोबाइल और लैपटॉप खंगाल रही है। 
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अनुराधा तिवारी की फाइल फोटो। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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वाराणसी जिले में चितईपुर थाना क्षेत्र के नेवादा स्थित फ्लैट में महिला होमगार्ड अनुराधा तिवारी की फंदा लगाकर आत्महत्या के मामले की जांच में रुपये के लेनदेन से जुड़े मामले सामने आए। अजय ने अनुराधा को दवा कंपनी में शेयर होल्डर बनाने का झांसा दिया था। 

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अनुराधा ने चार लाख रुपये लोन भी लिया था। पुलिस आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी अजय पांडेय के मोबाइल, लैपटॉप को खंगालने में जुटी है। बैंक खातों व ट्रांजेक्शन की जांच भी पुलिस करेगी। दोनों के बीच हुई चैट को पुलिस रिकवर करेगी। इसके लिए पुलिस सेल से पुलिस ने संपर्क किया है।

जांच में सामने आया कि अजय ने अनुराधा को अपनी दवा कंपनी में शेयर होल्डर बनाने की बात कही थी। उसके खाते में हर महीने कुछ रकम भेजे जाने की जानकारी भी जांच में मिली है। अनुराधा के पति की मौत के बाद बीमा और अन्य योजनाओं से सात लाख रुपये मिले थे। 

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जांच में सामने आया है कि अजय के संपर्क में आने के बाद अनुराधा से उसने ये रकम ले ली। हालांकि, रकम किस उद्देश्य से और किन परिस्थितियों में दी गई, इसकी पुलिस जांच कर रही है। अनुराधा के नाम से करीब चार लाख रुपये का व्यक्तिगत ऋण कराया गया था। 

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पुलिस के मुताबिक, इस रकम का इस्तेमाल अजय ने किया। इन लेनदेन का उद्देश्य स्पष्ट करने के लिए पुलिस बैंक रिकॉर्ड खंगाल रही है। इस दौरान अजय का संपर्क कंपनी में काम करने वाली झारखंड की महिला से हुआ। अनुराधा को हटाने के लिए अजय ने उसके खिलाफ विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। 

अनुराधा के खाते में ऑनलाइन भेजी गई रकम को भी साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किया गया था। एसीपी भेलूपुर गौरव सिंह ने बताया कि जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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