जांच में सामने आया है कि अजय के संपर्क में आने के बाद अनुराधा से उसने ये रकम ले ली। हालांकि, रकम किस उद्देश्य से और किन परिस्थितियों में दी गई, इसकी पुलिस जांच कर रही है। अनुराधा के नाम से करीब चार लाख रुपये का व्यक्तिगत ऋण कराया गया था।
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पुलिस के मुताबिक, इस रकम का इस्तेमाल अजय ने किया। इन लेनदेन का उद्देश्य स्पष्ट करने के लिए पुलिस बैंक रिकॉर्ड खंगाल रही है। इस दौरान अजय का संपर्क कंपनी में काम करने वाली झारखंड की महिला से हुआ। अनुराधा को हटाने के लिए अजय ने उसके खिलाफ विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी।
अनुराधा के खाते में ऑनलाइन भेजी गई रकम को भी साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किया गया था। एसीपी भेलूपुर गौरव सिंह ने बताया कि जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।