आरटीई के तहत जिले में पंजीकृत 1028 में से 838 विद्यालयों में बच्चों ने प्रवेश ले लिया है। इन विद्यालयों को अब बच्चों का नाम, संख्या, फीस स्ट्रचर आदि का डाटा ऑनलाइन अपलोड करना है। लेकिन 838 विद्यालयों में से 450 स्कूलों ने अब तक अपना डाटा अपलोड नहीं किया है। जिससे 11250 बच्चों का भविष्य अधर में है साथ ही इनकी शुल्क प्रतिपूर्ति फंसी हुई है। विभाग की ओर से ऐसे विद्यालयों को चेतावनी दी गई है कि वो जल्द डाटा अपलोड करें। जिससे विभाग की ओर से जारी होने वाली शुल्क प्रतिपूर्ति बच्चों के अभिभावकों को मिल सके।
प्रवेश में आनकानी तो होगी कार्रवाई
आरटीई के तहत प्रवेश लेने में आनाकानी करने वाले जिले के स्कूलों ने अब तक आरटीई के तहत पंजीकरण भी नहीं कराया है। ऐसे विद्यालयों की संख्या 52 है। बीएसए ने इस विद्यालयों को चेतावनी दी है कि आरटीई के तहत बच्चों को दाखिला नहीं देने वाले विद्यालयों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।