वाराणसी। अगवा साड़ी कारोबारी महमूद आलम (50) की बरामदगी चौथे दिन भी नहीं हो सकी। पुलिस हत्या की आशंका जता रही है। इसी का नतीजा है कि वाराणसी के राजघाट से मिर्जापुर के चुनार तक मोटरबोट से गंगा में शव की तलाश की जा रही है। आशंका है कि चुनार ले जाकर कारोबारी की हत्या कर दी गई, फिर शव को गंगा में फेंका गया। इसी आधार पर कमिश्नरेट पुलिस जांच-पड़ताल को आगे बढ़ा रही है। दूसरी तरफ, पुलिस ने कुछ और संदिग्धों को उठाया है। सबसे पूछताछ चल रही है।
जानकारी के मुताबिक, कमिश्नरेट पुलिस को सूचना मिली कि मिर्जापुर के चुनार क्षेत्र के गंगा नदी में एक शव मिला है। आशंका जताई गई कि शव अगवा साड़ी कारोबारी का हो सकता था। इससे चिंतित कमिश्नरेट पुलिस चुनार तक गई। भेलूपुर इंस्पेक्टर रमाकांत दुबे ने एनडीआरएफ व एसडीआरएफ टीम के साथ वाराणसी के राजघाट से मिर्जापुर के चुनार तक मोटरबोट से खोजबीन की। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। दरअसल, साड़ी कारोबारी को अगवा करने में एक महिला की प्रमुख भूमिका बताई जा रही है, जो कि साड़ी कारोबारी से जुड़ी हुई थी। उधर, महमूद के साथ अनहोनी की आशंका पर पत्नी जमिला बानो परेशान दिखीं। वह पति की सलामती की दुआ कर रही हैं। बेटे फैजान, अरशद और अन्य सदस्य भी चिंतित हैं।
कारोबारी को ई-रिक्शे से ले जाया गया
सीसी कैमरे खंगालने पर पुलिस को पता चला कि साड़ी कारोबारी को ई-रिक्शे में बैठाकर ले जाया गया था। कारोबारी के साथ पांच और लोगों के साथ एक महिला भी ई-रिक्शे पर बैठी थी। भेलूपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमों ने सीसी कैमरे खंगालते हुए दो संदिग्धों को दबोचा है। महिला पहले से ही पुलिस की हिरासत में है। दो अन्य संदिग्ध भी उठाए गए हैं। कुल पांच संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। भेलूपुर इंस्पेक्टर रमाकांत दुबे के अनुसार, कारोबारी को तलाशा जा रहा है।
कारोबारी के बैंक खाते से निकाले 1.90 लाख रुपये
पुलिस के मुताबिक, शनिवार की शाम और रविवार को आरोपियों ने कारोबारी के बैंक खाते से 1.90 लाख रुपये निकाले गए हैं।बाबतपुर और रामनगर स्थित एटीएम बूथ से 90-90 हजार और चांदमारी रिंग रोड के पास एटीएम से रात तीन बजे दस हजार रुपये निकाले गए। क्राइम ब्रांच की टीम ने सीसी कैमरे और सर्विलांस के जरिये पांच संदिग्धों की पहचान की है। सबसे थाने में पूछताछ की जा रही है।
पतंग खरीदने की बात कहकर निकले थे घर सेे
साड़ी कारोबारी महमूद आलम गत् शनिवार को पतंग खरीदने की बात कहकर घर से स्कूटी से निकले थे। सवा छह बजे बेटे फैजान के मोबाइल पर दो बार फोन आया और आठ लाख रुपये का इंतजाम करने को कहा गया। इसके बाद महमूद का मोबाइल फोन बंद हो गया। घबराए परिजनों ने शनिवार की रात अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया।
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महिला के बुलावे पर बीएचयू परिसर गए कारोबारी
काशी जोन की पांच टीमें मामले की तफ्तीश में लगी हैं। छानबीन के दौरान पता चला कि महिला के इशारे पर ही कारोबारी को अगवा किया गया। घटना से एक दिन पहले महिला दुकान पर आई थी। सूट खरीदा था। पुलिस की जांच में सामने आया कि महिला पहले से ही महमूद के संपर्क में थी। पहले से परिचित होने के कारण उसके बुलाने पर महमूद स्कूटी से बीएचयू पहुंच गए। रविवार को पुलिस ने महमूद की स्कूटी बीएचयू के विश्वनाथ मंदिर के बाहर से लावारिस हाल में बरामद की थी।
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