किसान रामबहादुर सिंह, कैलाशनाथ, रामनिहोर, पंचू, विनोद कुमार ने आरोप लगाया कि 44 गांवों में बिछने वाली घरेलू गैस पाइप लाइन के लिए कार्यदायी संस्था और भूमि अध्याप्ति विभाग ने स्पष्ट नहीं किया कि अधिग्रहण गाटा भूमिधरी में होगी या परती आबादी में। यह तभी संभव हो सकेगा जब गजट कराकर भौतिक स्थिति को सामने लाया जाएगा। मनमानी करने पर किसान अपने हक-अधिकार के लिए संघर्ष भी करने के लिए तैयार रहेंगे। प्रभारी विशेष भूमि आधिपत्य अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि गजट होने के बाद ही दो हजार किसानों को नोटिस भेजी गई है। कार्यदायी संस्था के जीएम राम सुमिरन ने कहा कि कंपनी शासन-प्रशासन की गाइड लाइन पर कार्य को पूरा कराएगी।
विवाद में फंसा एनएचएआई का 10 फीसदी मुआवजा
भूमि अध्याप्ति विभाग की उदासीनता से सिक्सलेन में जमीन देने वाले 50 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिल सका है। इसके लिए किसान भटक रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 को सिक्सलेन में परिवर्तित करने के लिए अधिग्रहित की गई 2.94454 हेक्टेयर जमीन का मुआवजा देने के लिए एनएचएआई ने 39 करोड़ की धनराशि विशेष भूमि अध्याप्ति विभाग को दी थी। 10 फीसदी मामले विवाद में फंस जाने से न तो अभी तक चार किलोमीटर तक कार्य पूर्ण हो सका है न 93 लाख रुपये का भुगतान हुआ। पीडी एनएचएआई एके राय ने बताया कि अब तक 90 फीसदी धनराशि को भूमिधरी काश्तकार और आबादी की परती में बने मकानों को तोड़ने के एवज में दिया जा चुका है। राजस्व विभाग की उदासीनता से 10 फीसदी लाभार्थी किसान, मकान स्वामियों को नहीं मिल सका।