मिर्जापुर से आए एक उपभोक्ता ने घर बंद रहने के बाद भी हर महीने तीन हजार रुपये के बिल को भेजने की बात कही। कहा कि अधिकारियों से गुहार के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। आदमपुर निवासी उपभोक्ता ने कहा कि बिल की गड़बड़ी सुधारने के लिए उपकेंद्र के चक्कर लगा चुका हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बुनकर नेता इदरीस अंसारी ने बुनकरों को बिजली न मिलने, समस्याओं की अनदेखी सहित अन्य बातें प्रमुखता से रखीं। किसान अश्विनी सिंह ने हर माह बिजली के बिल में अंतर की बात कही। आयोग के सदस्य संजय कुमार सिंह, निगम के मुख्य अभियंता अरविंद कुमार सिंघल मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग के अध्यक्ष से बताया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी ठीक नहीं है। निगम में केवल सितंबर में 470 मेगावाट और मार्च में 892 मेगावाट विद्युत उपभोक्ताओं का भार बिना नोटिस के बढ़ाया गया है, जो नियमों के विपरीत है। संविदा कर्मियों को समान काम-समान वेतन नहीं मिल रहा है।
मीटर रीडरों का 13 करोड़ रुपया बकाया है, ईपीएफ भी नहीं मिल रहा है। ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। पूर्वांचल में साल में 1220 करोड़ की बिजली चोरी होती है। साल दर साल ट्रांसफॉर्मर जल रहे हैं। विद्युत वितरण निगमों में लगभग 33,122 करोड़ रुपये का बकाया ( सर प्लस) है। इसे उपभोक्ताओं को लौटाया जाए। निगम एक साथ 40 फीसदी बिजली दर में कमी करे या पांच वर्ष तक कुछ दरें कम कर बकाया लौटाए।
रामनगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष दयाशंकर मिश्र ने बताया कि विद्युत दर बढ़ाने से पहले आयोग को उद्यमियों की समस्याओं का निस्तारण करने की जरूरत है। नया कनेक्शन लेने से लेकर लोड बढ़वाने, घटवाने के लिए चक्कर काटना मजबूरी है। ऑनलाइन प्रक्रिया भी जटिल है, इसे सरल बनाने की जरूरत है। विद्युत का अधिक उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं की दरों को कम रखने पर विचार करना होगा।
दिसंबर में आवेदन, फीस भी जमा, कनेक्शन का पता नहीं
करखियांव एग्रो पार्क में प्रोजेक्ट लगाने वाले उद्यमी राजेश अग्रवाल ने कहा कि 300 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट लगाने के लिए दिसंबर 2023 में 2950 केवीए के कनेक्शन के लिए आवेदन किया। दो करोड़ रुपये भी विभाग में नियमानुसार जमा किए। पोल लगा और तार भी खींचा गया, लेकिन अब तक बिजली का कनेक्शन नहीं मिल सका। इस वजह से उद्योग को चालू नहीं कर पा रहे हैं। इन सब मांगों की एक प्रति भी आयोग के अध्यक्ष को दी है।
स्मॉल इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महासचिव नीरज पारिख ने बताया कि एक सदस्य ने बिजली कनेक्शन 2020 में कटवा दिया है। 288000 रुपये सिक्योरिटी भी जमा थी लेकिन चार साल का समय होने पर पैसे नहीं मिले। एक दो बार नहीं बल्कि कई बार आवाज उठाया गया। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के डिवीजनल चेयरमैन अनुपम देवा ने भी उद्योगों को चलाने के लिए विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था में सुधार लाने, कनेक्शन कटवाने के की व्यवस्था में बदलाव, सोलर पैनल लगवाने वालों को लाभ दिलाने सहित अन्य मांगों को रखा।