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अपनों से मिलकर छलके आंसूः बेटी को खोजकर थक चुका था परिवार, आठ साल बाद मिली इस शहर में 

Thu, 25 Nov 2021 10:59 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

भोजपुर की रहने वाली वंदना 2013 में अचानक घर से लापता हो गई थी। वाराणसी की संस्था अपना घर आश्रम की मदद से वह आठ साल बाद परिवार से मिल सकी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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जिसको खोज-खोजकर पूरा परिवार थक चुका था और हिम्मत हार चुका था। उसकी तस्वीर फेसबुक पर देखकर परिवार वाले चौंक उठे। भोजपुर की रहने वाली वंदना 2013 में अचानक घर से लापता हो गई थी। मानसिक स्थित ठीक नहीं होने से परिवार वाले परेशान हो गए। गांव से शहर तक खोजबीन की।

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पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई। नातेदार-रिश्तेदारों के यहां भी दस्तक दी लेकिन कुछ नहीं पता चला। अंतत: भगवान की मर्जी मानकर किसी चमत्कार का इंतजार करने लगे। अपना घर आश्रम की सहायता से बृहस्पतिवार को वंदना अपने घर पहुंच गई। 

वंदना कई साल तक इधर उधर भटकने के बाद किसी तरह बनारस पहुंची। किसी ने लावारिस और असहाय लोगों की सेवा करने वाली बनारस की संस्था अपना घर आश्रम को इसकी जानकारी दी गई। अपना घर से पहुंची टीम ने वंदना को आश्रम लाया और दवा के साथ सेवा शुरू हुई तो उन्होंने अपने बारे में बताया।

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फेसबुक तस्पवीर हुई थी वायरल

फेसबुक - फोटो : pixabay
उन्होंने बिहार के भोजपुर में अपना घर होने की जानकारी दी। आश्रम की ओर से फेसबुक पर भी वंदना की तस्वीर वायरल करते हुए भोजपुर वालों से उनके परिवार के बारे में पता करने की अपील की गई। संयोग से फेसबुक की तस्वीर परिवार वालों तक पहुंच गई। परिवार वालों ने आश्रम से संपर्क साधा और बेटे के साथ दामाद उन्हें लेने बनारस पहुंच गए। मां को सामने देख बेटे के आंसू निकल पड़े। 
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