उन्होंने बिहार के भोजपुर में अपना घर होने की जानकारी दी। आश्रम की ओर से फेसबुक पर भी वंदना की तस्वीर वायरल करते हुए भोजपुर वालों से उनके परिवार के बारे में पता करने की अपील की गई। संयोग से फेसबुक की तस्वीर परिवार वालों तक पहुंच गई। परिवार वालों ने आश्रम से संपर्क साधा और बेटे के साथ दामाद उन्हें लेने बनारस पहुंच गए। मां को सामने देख बेटे के आंसू निकल पड़े।