बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में शनिवार को सुबह से सब कुछ सामान्य दिनों की तरह ही था। मरीज-तीमारदार, डॉक्टर और अन्य स्टाफ अपने रुटीन के काम में मसरूफ थे। दोपहर में अचानक तेज आवाज के साथ इमरजेंसी में ब्लास्ट हुआ तो एकबारगी लोग सहम गए। समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ है। चौतरफा धुएं का गुबार छा गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि इमरजेंसी की फाल्स सीलिंग भहराकर वहां मौजूद मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल कर्मियों पर गिर गई। खिड़कियों के शीशे चटक गए, दरवाजे टूट गए और एक दीवार गिर गई।
धुएं के कारण लोगों का दम घुटने लगा और कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। धमाके के तुरंत बाद दहशतजदा जख्मी लोग मदद के लिए चीखने-चिल्लाने लगे। इन सबके बीच वहां मौजूद तीमारदारों की आंखें धुएं के गुबार में अपनों की तलाश में लगी रहीं। खौफ और अफरातफरी का यह माहौल बीएचयू अस्पताल परिसर में और बाहर भी काफी देर तक देखने को मिला।
इमरजेंसी में मौजूद लोग तो बेहद डरे हुए थे।
डेढ़ दर्जन से ज्यादा घायल लोग कराह रहे थे और जो सुरक्षित बचे थे वे बाहर निकलने का तलाश रहे थे। धमाके की बात सुनते ही इमरजेंसी के बाहर अस्पताल में मौजूद लोगों और लंका के दूकानदारों की भीड़ जुट गई थी। थोड़ी ही देर में लंका, भेलूपुर, मंडुवाडीह, लक्सा और दशाश्वमेध थाने की फोर्स के साथ क्षेत्राधिकारी भेलूपुर राजेश कुमार श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। तब तक घायलों को अस्पताल परिसर के दूसरे हिस्से में और बीएचयू ट्रामा सेंटर शिफ्ट करने का काम शुरू हो गया था।