वाराणसी। ड्रोन के इस्तेमाल से खेतों में खाद या दवा का छिड़काव कम समय में किया जा सकता है। यह बातें सोमवार को कृषि विज्ञान केंद्र कल्लीपुर में ड्रोन के प्रयोग को लेकर हुई वर्चुअल मीटिंग में सामने आई। इसमें किसान, केंद्र के वैज्ञानिक और कंपनी के विशेषज्ञ शामिल थे।
केंद्र के अध्यक्ष डॉ नरेंद्र रघुवंशी ने बताया कि एक एकड़ में यूरिया का छिड़काव करने में एक व्यक्ति को एक से दो दिन लग जाता है। श्रमिक खर्च अधिक आता है। साथ ही छिड़काव के दौरान कीट के काटने जैसी समस्या आती है। ड्रोन के इस्तेमाल से किसानों को इन समस्याओं से निजात मिलेगी। किसान ड्रोन के इस्तेमाल से एक एकड़ फसल में खाद अन्य कीटनाशकों का छिड़काव तीस मिनट में कर सकेंगे। कृषि क्षेत्र में ड्रोन के प्रयोग से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
कंपनी की ओर से गेहूं की फसल पर छिड़काव का प्रदर्शन किया गया। यहां किसानों को ड्रोन खरीदने और प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी गई। केंद्र के अध्यक्ष ने बताया कि जिस किसान और किसान संगठन को ड्रोन की जरूरत है वे केंद्र में संपर्क कर सकते हैं या ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।