फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीजों पर शोध की आधुनिक तकनीक में ईरी को मिली सफलता

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। साल में तीन से चार बार धान की प्रजाति के बीजों पर शोध करने की आधुनिक तकनीक में अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (ईरी) को सफलता मिली है। संस्थान नवनिर्मित स्पीड ब्रीडिंग केंद्र में करीब 14 हजार पौधों पर चल रहे शोध में शामिल धान की चार प्रजाति पककर तैयार हो गई हैं। इसकी हार्वेस्टिंग फरवरी के अंतिम और मार्च के पहले सप्ताह में होगी। इसके बाद मौजूद पोषक तत्वों की जांच के लिए इन्हें फिर से अगले चक्र के लिए स्पीडब्रीड केंद्र में रोपा जाएगा।
विज्ञापन

शोध परियोजना का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. उमा शंकर बताया कि एशिया के पहले आधुनिक स्पीडब्रीड प्रयोगशाला के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन के बाद प्रयोगशाला में बीते साल अक्तूबर और नवंबर में स्वर्णा, सांभा मंसूरी व डीआरआर धान की कई प्रजाति को रोपा गया था। प्रयोगशाला में एक साल में पूरा होने वाले शोध को मात्र पांच माह में पूरा किया गया। अभी तक के परिणाम काफी अच्छे हैं। पहले इसी शोध को पूरा करने में एक वर्ष में धान की एक ही पैदावार हो पाती थी। इस सफलता से आगे के भी शोध काफी आसान होने वाला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें