प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पहली बार आए फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष इमैनुएल मैक्रों दीनदयाल हस्तकला संकुल भी गए। वहां पर उन्होंने यह काम करके पहले मेहमान बनने का गौरव हासिल किया।
पीएम मोदी और अपनी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों के साथ इमैनुएल मैक्रों ने बनारस के दीनदयाल हस्तकला संकुल में शिल्प और हुनर देखा जो उन्हें खासे पसंद आए। म्यूजियम में सजीव प्रदर्शन में जीआई उत्पादों के स्टॉल लगाए गए थे।
जब फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ भारत के प्रधानमंत्री यहां पहुंचे तो पीएम ने सभी कलाकारों को अपनी-अपनी कलाओं का प्रदर्शन करने को कहा। इसके बाद सबसे पहले वह जरी जरदोजी के स्टॉल पर पहुंचे। यहां लोहता की अफसाना और तरन्नुम ने उन्हें फ्रांस का एंबलम दिखाया और उसे राष्ट्राध्यक्ष को भेंट किया।
इसके बाद इमैनुएल मैक्रों ने हस्तकला संकुल की विजिटर बुक में सबसे पहले 12 मार्च की तारीख दर्ज की, फिर फ्रेंच में अपनी भावनाओं को उकेरा। उन्होंने यहां की हस्तशिल्प, बुनकरी, कला को अद्भुत बताया।
लिखा, ‘मुझे बहुत अच्छा लगा। पीएम मोदी ने बहुत अच्छी व्यवस्था की है। काशी और यहां की कला और शिल्प अद्भुत है। इनकी अपार संभावनाएं हैं।’ अंत में अंग्रेजी में नमस्ते लिखा और हस्ताक्षर किए। साथी सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को बधाई दी।
गौरतलब है कि हस्तकला संकुल में सोमवार से ही विजिटर बुक परंपरा की शुरुआत हुई। इमैनुएल मैक्रों बुक में अपनी भावनाएं लिखने वाले पहले मेहमान हैं।
इसके साथ ही अब यह इतिहास में रहेगा कि दीनदयाल हस्तकला संकुल के विजिटर बुक पर सबसे पहले फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष ने हस्ताक्षर किया है।