कुछ डाइंग तो बगैर शोधित गंदा और रासायनिक पानी मोरवा नदी में बहा देते हैं। पिछले दिनों पानी के सैंपल की जांच भी कराई गई तो शिकायत सही पाई गई। जिसका त्वरित संज्ञान लेते हुए शनिवार को हम लोगों ने दीपक डाइंग हाउस, मनोज डायर्स, रूपेश कुमार एंड ब्रदर्स, माबूद इंटरनेशनल, अरविंद एक्सपोर्ट, एसके डाइंग हाउस, आईएस डाइंग डिवीजन व भदोही कार्पेट में छानबीन की और सीज करा दिया है।
उन्होंने संचालकों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि बिना एनओसी के इकाई को फिर से चालू किया तो सख्त कार्रवाई होगी। कार्रवाई के दौरान तहसील अधिकारी और भारी पुलिस बल मौजूद रही।
मोरवा नदी का बदल गया था रंग
मोरवा नदी के पानी का रंग गुलाबी हो गया था। जब उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इसकी जानकारी मिली, औद्योगिक इकाइयों की जांच करवाई गई थी। मोरवा नदी वरूणा नदी में मिलती है, जो वाराणसी में जाकर गंगा में मिल जाती है।