काशी में मिस्र की कला-संस्कृति की चमक श्रोताओं को खूब भाई। लोक रंग का यह उत्सव सजा रविवार को नागरी नाटक मंडली में। रंगीन वस्त्रों में मिस्र के अल होरिया ग्रुप के कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गीत-संगीत के बीच कलाकारों ने अपनी अदा और अंदाज से समा बांध दिया। मिस्र के परंपरागत नृत्य प्रस्तुतियों पर तालियों की गूंज से नागरी नाटक मंडली का सभागार गूंजता रहा। आगे की स्लाइड्स में देखें...
विज्ञापन
2 of 4
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
आईसीसीआर की ओर भारत में मिस्र के कलाकारों की यह प्रस्तुति थी। धर्म-संस्कृति और कला के लिए दुनिया भर में ख्यात काशी में मिस्र के कलाकारों ने अपनी लोक कला के रंग बिखेरे। 11 सदस्यीय अल होरिया ग्रुप अपना परंपरागत नृत्य प्रस्तुति लेकर मंच पर हाजिर हुआ और फिर शुरुआत की ‘डांस आफ द फराओनिक’ से।
विज्ञापन
3 of 4
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
भाषा के साथ ही मिस्र का गीत-संगीत दर्शकों को बहुत समझ नहीं आ रहा था लेकिन कहा जाता है कि संगीत की कोई भाषा नहीं होती है। इसे आप जिस तरह से महसूस करेंगे, वह आपको उसी तरह वह आनंदित करता है। कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से माहौल को रुमानियत से भर दिया।
एक-एक करके द एल टननौरा, दे सेमसेमिया, एलसयडिन, होससन, द फरह एसकनद्रणीय, द अरब एल अमेरिया, द एल अस्सइया की प्रस्तुति से समा बांध दिया। अल होरिया ग्रुप के जनरल मैनेजर नसरअल दीन मोहम्मद महमूद के साथ 10 कलाकारों में छह पुरुष और चार महिलाएं शामिल थीं।