असत्य पर सत्य की विजय के रूप में दशहरे का महापर्व मंगलवार को धूमधाम से मनाया गया। कहीं रावण जला तो कहीं मेला भी सजा। शहर से गांव तक कई स्थानों पर रावण के पुतलों का दहन किया गया। बरेका में मंगलवार की शाम को रावण दहन को देखने के लिए भारी संख्या में हुजूम उमड़ा। रावण वध के बाद भगवान राम ने जैसे ही बाण चलाया तो रावण का पुतला पटाखों की तेज आवाज के साथ धू-धू कर जल उठा।
बरेका में केंद्रीय खेल मैदान पर दशहरा मेले से पहले ढाई घंटे के रूपक को देखने लिए दोपहर बाद से ही जनता पहुंचने लगी। विजयादशमी समिति बरेका के निदेशक एसडी सिंह ने बताया कि दस सिरों वाला रावण 75 फीट, कुंभकर्ण 65 व मेघनाद 60 फीट के पुतलों का दहन किया गया। समाज सेवा संघ की ओर से मलदहिया चौराहे पर रावण के पुतले का दहन किया गया। शाम को छह बजे राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रवींद्र जायसवाल और महापौर अशोक तिवारी ने पुतले पर जैसे ही तीर छोड़ा तो तेज धमाके के साथ पुतला जल उठा।