दुर्गा अष्टमी की तैयारियां पूर्ण।
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Vasantik Navratri 2025: वासंतिक नवरात्र के पावन पर्व पर दुर्गा अष्टमी पांच अप्रैल को मनाई जाएगी। जगतजननी जगदंबा की कृपा पाने के लिए कुंवारी कन्याओं की पूजा-अर्चना करने का विधान है। मान्यता है कि कन्या पूजन से मां दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है। छह अप्रैल को नवमी का पूजन होगा और सात अप्रैल को नवरात्र का पारण किया जाएगा।
ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि महाअष्टमी का व्रत पांच अप्रैल को किया जाएगा। अष्टमी तिथि पांच अप्रैल को शाम 7:27 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी जो छह अप्रैल को शाम 7:24 बजे तक रहेगी। पुष्य नक्षत्र का संयोग भी अर्द्धरात्रि के पश्चात 5:47 बजे तक रहेगा। इसमें पूजन विशेष फलदायी रहेगा।
नवरात्र का पारण दशमी तिथि यानी सात अप्रैल को किया जाएगा। नवरात्र में व्रत की समाप्ति पर हवन के पश्चात कुमारी कन्याओं एवं बटुक का विधि-विधानपूर्वक पूजन अर्चन किया जाता है। कुमारी कन्याओं को त्रिशक्ति यानी महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती का स्वरूप माना जाता है।
कन्याओं का चरण धोकर लाल रंग की चुनरी अर्पित करना चाहिए। पूजन के बाद उन्हें आभूषण, वस्त्र, मिष्ठान्न, ऋतुफल, मेवा व नगद द्रव्य भेंट करके उनसे आशीर्वाद लिया जाता है। जिन भक्तों ने नवरात्र में श्रीदुर्गा सप्तशती का पाठ या नवरात्र का व्रत ना किया हो वह नवमी के दिन श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ व व्रत करके माता भगवती की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।