उधर, लंबे समय से ट्रांसपोर्ट नगर योजना पर कोई पहल नहीं होने पर प्रदेश सरकार ने इस योजना का स्थाई हल ढूंढने के लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदारी सौंपी है। तैयारी यह भी है कि अब योजना के तहत और जमीन नहीं ली जाएगी।
जितनी जमीन विकास प्राधिकरण को मिली है उतनी ही जमीन पर वह अपने योजना को आकार दिया जाएग। चूंकि करीब 80 करोड़ रुपया मुआवजा देने के बाद लम्बे समय से यह योजना अधर में अटकी है। यहां भी ड्रोन से सर्वे करके खरीदे गए जमीन की असल स्थिति देखी जाएगी। उसके बाद सरकार और प्रशासन के निर्णय के आधार पर आगे की प्लानिंग की जाएगी।
वीडीए वीसी राहुल पांडेय ने बताया कि सितंबर के पहले सप्ताह में ड्रोन सर्वे कराने की योजना है। इस इलाके का सर्वे करके आटो-केट के माध्यम से टाउन प्लानिंग स्कीम का खाका खिंचा जाएगा।