रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए बाट माप विभाग के प्रयोगशाला सहायक को पुलिस ने शुक्रवार को जेल भेज दिया। इस मामले में पुलिस ने विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक को भी आरोपी बनाया है। उसकी तलाश की जा रही है। दावा है कि वरिष्ठ निरीक्षक के कहने पर ही प्रयोगशाला सहायक रिश्वत ले रहा था।
चंदौली जिले के पीडीडीयूनगर निवासी बाट-माप के सत्यापन, नवीनीकरण व मरम्मत के लाइसेंसी नंदलाल गुप्ता ने एंटी करप्शन टीम से विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि सोनभद्र में तैनात विभाग के कर्मचारी उनसे विभिन्न कार्यों के एवज में रिश्वत चाह रहे हैं।
न देने पर उनके ग्राहकों को परेशान किया जा रहा। इस शिकायत एंटी करप्शन मिर्जापुर के निरीक्षक विनय सिंह के नेतृत्व में टीम जिले में पहुंची थी। योजना बनाकर टीम ने विभाग के प्रयोगशाला सहायक संजीव कुमार जायसवाल को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोच लिया था। देर रात मामले में सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए टीम ने आरोपी को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
सदर कोतवाल सत्येंद्र राय ने बताया कि एंटी करप्शन के निरीक्षक विनय सिंह की तहरीर पर आरोपी के विरुद्ध केस दर्ज कर कोर्ट के लिए चालान कर दिया गया। उसने पूछताछ में बाट माप कार्यालय में तैनात वरिष्ठ निरीक्षक सुदेश कुमार का भी नाम बताया है। उसी के कहने पर वह रिश्वत ले रहा था। सुदेश कुमार को साजिश रचने का आरोपी बनाया गया है। उसकी तलाश की जा रही है।