तीनों का कहना था कि एक लाख नकद और एक ऑल्टो कार दोगी तभी इस घर में चैन से रह पाओगी। रविवार शाम लगभग सात बजे मेरी बड़ी बहन श्वेता श्रीवास्तव को मनीष ने फोन कर कहा कि अंकिता की मौत हो गई है। आकर शव ले जाओ। हम लोग भाग कर उसके ससुराल पहुंचे तो देखा मेरी बहन फंदे से लटकी है। शिवपुर पुलिस मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुटी है। पोस्टमार्टम के बाद विवाहिता के शव का सोमवार को अंतिम संस्कार किया गया।