चिकित्सकों के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में बंदरों के हमले के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और छोटे बच्चे शिकार बन रहे हैं। कंदवा वार्ड के गौरव नगर कॉलोनी में एक सप्ताह में बंदरों के झुंड ने चार मासूम बच्चों को निशाना बनाया। शनिवार को घर के बाहर खेल रही चार साल की बच्ची सुकन्या पर एक बंदर ने अचानक हमला कर उसके पैर में घाव कर दिया।
लोग लाठी-डंडे लेकर दौड़े और बंदर को खदेड़ा। इसी क्षेत्र में साहिल (8), अवनीश (10) और धीरज (12) भी बंदरों के काटने से घायल हो चुके हैं। क्षेत्र के दिनेश चंद ने बताया कि छतों और गलियों में बंदरों का जमावड़ा रहने से रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। नगर निगम व वन विभाग से बंदरों को पकड़ने और जंगलों में छोड़ने की मांग की है।
जिले के सभी प्रमुख अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी पर वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सरकारी अस्पतालों की इमरजेंसी में भी कुत्ता, बिल्ली और बंदर के काटने से घायल लोगों के इलाज की व्यवस्था की गई है। - डॉ. एनपी सिंह, सीएमओ