मामला मेरे संज्ञान में अभी नहीं आया है। इस बारे में एआरएम आजमगढ़ डिपो बेहतर जानकारी दे पाएंगे। जहां तक दिव्यांगता की बात है, वह कितनी है, यह जांच में पता चलेगा। यदि ऐसा कुछ है, तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - जगदीश प्रसाद, आरएम आजमगढ़
रोडवेज बस में पैर से दिव्यांग व्यक्ति को परिचालक की नौकरी नहीं दी जा सकती है। महिला परिचालक सुमन यादव के संबंध में शिकायत मेरे पास आई थी। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए मैंने आरएम को रिपोर्ट भेज दी है। साथ ही, एआरटीओ और सीएमओ कार्यालय को पत्र भेजकर महिला परिचालक के अभिलेखों का सत्यापन कराने के लिए कहा गया है। सवाल यह है कि यदि महिला दिव्यांग थीं, तो उनके प्रमाणपत्रों में दिव्यांगता शून्य कैसे दिखाई गई है। फिलहाल, दोनों कार्यालयों से रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - अजय कुमार सिंह, एआरएम आजमगढ़ डिपो
परिवहन विभाग की ओर से परिचालक लाइसेंस जारी किया जाता है। वर्ष 2025 में लाइसेंस जारी किया गया था। अब इसकी जांच की जाएगी कि लाइसेंस कैसे बनाया गया। यह भी जांचा जाएगा कि संबंधित अभ्यर्थी लाइसेंस जारी किए जाने के लिए पात्र था या नहीं। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। - प्रमोद कुमार गौतम, आरआई आजमगढ़