लगातार वाहन चलाने वाले लोगों में पीठ, रीढ़ और कमर दर्द की समस्याएं सामने आ रही हैं। आईएमएस बीएचयू में 500 लोगों की जांच में 350 में ऐसी शिकायत मिली है। ऐसे में सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।
लगातार वाहन चलाने वालों को पीठ, रीढ़ और कमर दर्द की समस्या हो रही है। ऐसे लोगों को झुकने में भी परेशानी हो रही है। आईएमएस बीएचयू में आर्थोपेडिक विभाग के अस्सिटेंट प्रोफेसर डॉ. एसएस पांडेय के निर्देशन में वाहन चलाने वाले 500 लोगों की जांच करवाई गई। रिपोर्ट में पता चला कि लगातार चार घंटे तक चार पहिया चलाने वालों में 350 लोग पीठ, रीढ़ और कमर दर्द से परेशान हैं।
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फिजियोथैरेपी से जुड़े डॉ. एसएस पांडेय का कहना है कि लगातार वाहन चलाने के दौरान शरीर को झटके लगते हैं। इसका असर रीढ़ की हड्डी से लेकर कमर व गर्दन पर पड़ता है। ड्राइविंग करते समय लोग लगातार तनकर आगे की तरफ देखते हैं। इससे शरीर की मांसपेशियों में भी तनाव होने लगता है। इन्हें सिकुड़ने और फैलने का मौका ही नहीं मिलता। इससे पॉस्चर में तो बदलाव होता ही है आखिर में रीढ़ और कमर दर्द का मर्ज भी हो जाता है।
इन बातों का रखें ध्यान
लंबे समय तक वाहन चलाने वाले लोगों को झटके से बचने के लिए बीच-बीच में रुककर थोड़ा टहलना चाहिए। डॉ. एसएस पांडेय का कहना है कि जब भी खराब सड़क आए तो वाहन धीरे चलाएं। गाड़ी में बैठने के दौरान पॉस्चर बदलते रहें। मांसपेशियों को लचीला बनाने के लिए व्यायाम करें।