वाराणसी। स्माग और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने राइफल क्लब सभागार में सोमवार को जिला पर्यावरण समिति की बैठक की। सभी विभागों को प्रदूषण रोकने के लिए संवेदनशीलता के साथ जिम्मेदारी निभाने का निर्देश दिया और कहा आज से ही टेंपलेट के अनुसार काम शुरू कर दें।
डीएम ने कहा कि नदी के 500 मीटर क्षेत्र में किसी भी प्रकार का सॉलिड वेस्ट नहीं फेंका जाना चाहिए। इसके लिए चिह्नीकरण किया जाए और इस क्षेत्र में आने वाले गांव को सूचीबद्ध कर लिया जाए। आबादी को नगर निगम, ग्राम पंचायत व बीडीओ सेंसेटाइज़ करें। प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभागीय कार्यों के अनुसार डाटा अपलोड करें और उसकी नियमित मानीटरिंग करें। प्रदूषण नियंत्रण विभाग को निर्देशित किया कि एक ऑटोमेटिक, पांच मैन्युअल और 15 स्मार्ट सिटी द्वारा स्थापित एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सेंटर की जांच कर ली जाए कि वे सही काम कर रहे या नहीं। शहर के अधिक प्रदूषण वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर जानकारी दी जाए। बीएचयू में स्थापित चार एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सेंटर बंद होने की जानकारी पर उन्होंने बीएचयू के कुलपति को पत्र लिखकर इसे चालू कराने का अनुरोध करने को कहा। सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि वे अपने निर्माण कार्यों की साइट चिह्नित कर सूचीबद्ध करें। निर्माण स्थल पर मानकों की अनदेखी पाई गई तो जुर्माना लगाया जाएगा।