कई जगहों पर पीपीई किट फेंकी पड़ी थी। क्षेत्र के पार्षद राजेश यादव चल्लू ने बताया कि क्षेत्र में तीन से चार बार सफाई हो रही है। सैनिटाइजेशन भी हो रहा है। लेकिन शव लाने वालों की संख्या चौबीसों घंटे है और कर्मचारी निर्धारित समय पर साफ-सफाई सैनिटाइजेशन करके चले जाते हैं। रात के समय थोड़ी दिक्कत हो रही है। लेकिन सुबह तुरंत उसे साफ कराया जा रहा है।
प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी रामसकल यादव ने बताया कि तीन से चार बार हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका घाट की सफाई कराई जा रही है। इस दौरान जो भी गंदगी वहां मिलती है। उसे हटाया जा रहा है। रात में सफाई करने के बाद सफाई कर्मचारी चले जाते हैं।