कुलपति प्रो. त्रिपाठी ने बताया कि समाज के हर वर्ग को घर बैठे ऑनलाइन सरल संस्कृत माध्यम से ज्योतिष शास्त्र, कर्मकांड, वास्तुशास्त्र, पौरोहित्य एवं संस्कृत प्रशिक्षण के तीन माह, छह माह एवं एक वर्ष का पाठ्यक्रम (प्रमाणपत्रीय एवं डिप्लोमा) संचालित किया जाएगा। इसके लिए समिति गठित कर पाठ्यक्रम एवं स्टूडियो का कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा।