इतने में फोन कट गया, 9 बजे सुबह दादा मंगला प्रसाद के मोबाइल पर फोन आया और अपहरणकर्ता ने तीन लाख रुपये की मांग की। उसने कहा कि सलामती चाहते हो तो 3 लाख रुपया दे दो।
अपहरण की खबर सुनते ही पुलिस भी सक्रिय हो गई थी। पुलिस अधीक्षक ने क्राइम ब्रांच, सर्विलांस सेल और रोहनिया थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर बच्चे को बरामद करने का निर्देश दिया। टीमों ने जगह-जगह खोजबीन शुरू कर दी। पुलिस ने गंगापुर से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।