श्री काशी विश्वनाथ धाम गंगाद्वार।
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मुख्य सचिव ने कहा कि गंगाद्वार शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलमार्ग से आएंगे। उधर से आने वाले भक्तों की संख्या ज्यादा होने पर मंदिर चौक पर भीड़ नियंत्रण की योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर का लोकार्पण होने के बाद पहली बार शिवरात्रि पर्व पर भक्त यहां पहुंचेंगे।
ऐसे में उनकी सुरक्षा के साथ ही सहूलियत मंदिर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। डीजीपी ने निर्देश दिया कि बेहतर रूट प्लान बनाया जाए ताकि शहर में यातायात का दबाव नहीं दिखे। वाहन निर्धारित पार्किंग तक लगाए जाएं और कतार में लगे भक्तों की सुरक्षा के लिए सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं।
बैठक में बताया गया कि मैदागिन और गोदौलिया से किसी भी प्रकार के बड़े वाहन को अनुमति नहीं रहेगी। दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा ई रिक्शा चलाया जाएगा। मुख्य सचिव ने कहा कि शिवरात्रि पर जहां तक कतार लगने की उम्मीद है, उसके 500 मीटर आगे तक एनाउंसमेंट की व्यवस्था की जाए। मंदिर में अलग-अलग लोगों की ड्यूटी लगाकर कतार में खड़े लोगों को अपडेट दिया जाए। जगह-जगह पानी की व्यवस्था व श्रद्धालुओं को कतारबद्ध होने में किसी प्रकार की दिक्कत ना हो। इसके लिए बैरिकेडिंग की जाएगी।
श्री काशी विश्वनाथ धाम।
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डीजीपी मुकुल गोयल ने इस बार चुनाव और शिव की नगरी काशी में होने वाले विभिन्न आयोजनों को लेकर पुलिस विभाग को सतर्क और मुस्तैदी से कार्य करने का निर्देश दिया। पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने बताया कि शिवरात्रि पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अलावा शहर के अन्य बड़े शिव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं का रेला उमड़ता है। ऐसे में पुलिस द्वारा सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है।