बाबा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में आज से दर्शन तो शुरू हो जाएंगे लेकिन शहर के कई अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों को इंतजार करना पड़ेगा। कहीं तैयारियां अधूरी हैं तो कहीं मंदिर प्रबंधन ने मंदिर नहीं खोलने का निर्णय लिया है। सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में तैयारियों की जांच की गई।
रानी भवानी और पांचों पंडवा प्रवेश द्वार पर दो ऑटोमेटिक सैनेटाइज मशीनें लगाई गई हैं, जिनके सामने से गुजरते ही सैनिटाइजर निकलेगा। ज्ञानवापी के प्रवेश द्वार पर भक्तों की थर्मल स्क्रीनिंग के लिए छह मशीनें रखी गई हैं। सीईओ विशाल सिंह ने बताया कि प्रशासन की चेक लिस्ट के हिसाब से तैयारी पूरी हो चुकी है।
भक्तों को गेट नंबर चार ज्ञानवापी की तरफ से प्रवेश दिया जाएगा और निकासी अन्नपूर्णा मंदिर के निकट अपारनाथ मठ की ओर से खोले गए गेट नंबर पांच से होगी। अन्नपूर्णा मंदिर के महंत रामेश्वर पुरी ने बताया कि आज मंदिर खुलेगा और भक्त दर्शन कर पाएंगे। प्रशासन की हरी झंडी मिलने के बाद दर्शन-पूजन शुरू हो जाएगा।
फिलहाल मंगलवार से मंदिर नहीं खुलेगा। काल भैरव मंदिर के महंत नवीन गिरि ने बताया कि मंदिर की तैयारियां अभी पूरी नहीं हो सकी है। बॉडी सैनिटाइजेशन मशीन भी मंदिर को नहीं मिली है। इसके चलते मंगलवार से मंदिर नहीं खोला जा सकेगा।
सारे इंतजाम करने के बाद ही स्थानीय पुलिस प्रशासन को सूचित करके मंदिर के द्वार आम भक्तों के लिए खोले जाएंगे। बटुक भैरव मंदिर के महंत राकेश पुरी ने बताया कि मंदिर की ओर से अभी तैयारियां नहीं की गई हैं। इसलिए मंदिर को आम भक्तों के लिए खोलने पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जल्द ही तैयारियों के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
यह धर्म स्थल आज से खुलेंगे
- श्री काशी विश्वनाथ मंदिर
- अन्नपूर्णा मंदिर
- श्री गुरु बृहस्पति मंदिर, दशाश्वमेध
- तिलभांडेश्वर मंदिर, रेवड़ी तालाब
- बाबा कीनाराम मंदिर, रविंद्र पुरी
- गौरी केदारेश्वर मंदिर, केदार घाट
- शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर, शंकुल धारा
- गुरुद्वारा,थाना चौक
- नदेसर मस्जिद, कैंट
बौद्ध अनुयायियों को अभी कुछ दिन और करना होगा इंतजार
Sarnath
- फोटो : Incredible India
वाराणसी के सारनाथ स्थित बौद्ध मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए अभी श्रद्धालुओं को कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। भगवान बुद्ध की प्रथम धर्म उपदेश स्थली सारनाथ में विश्व भर के बुद्धिस्ट देशों के मंदिर स्थापित हैं, जिनमें श्रीलंका का मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर, जापानी बौद्ध मंदिर, तिब्बतन बौद्ध मंदिर, थाई बुद्ध मंदिर, वियतनामी बौद्ध मंदिर, म्यांमार बौद्ध मंदिर, दर्जनों बौद्ध मंदिरों में श्रद्धालुओं को अभी कुछ और दिन दर्शन-पूजन के लिए इंतजार करना होगा।
मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर के बिहाराधिपति भिक्षु के मेधांकर थेरो ने कहा कि बौद्ध मंदिर को खोलने का आदेश तो हो गया है। लेकिन अभी कोरोना वायरस खत्म नहीं हुआ है। मंदिर प्रशासन सारनाथ में स्थित मंदिरों को खोलने से पहले हर पहलू पर विचार कर रहा है, जैसे मंदिरों में कैसे सोशल डिस्टेंसिंग को कैसे लागू किया जा सकता हैं। मंदिर में प्रवेश करने से पहले सैनिटाइजेशन, थर्मल स्कैनिंग मशीनों की व्यवस्था करने पर विचार चल रहा है। इस हफ्ते तो नहीं अगले हफ्ते से मंदिरों को एक-एक कर खोला जा सकता है।