सुबह-ए-बनारस क्लब की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम
मंझे से बढ़ती घटनाओं को देखते हुए छात्राओं ने हाथ में पतंग लेकर मंझे का बहिष्कार किया। जिस तरह से लगातार चीनी मंझे से गला, हाथ कटने जैसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, उसको देखते हुए शासन-प्रशासन की ओर से चीनी मंझे का प्रयोग न करने की अपील की जा रही है। सोमवार को वल्लभ विद्यापीठ बालिका इंटर कॉलेज में सुबह-ए-बनारस क्लब की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में हाथ में पतंग लेकर छात्राओं ने चाइना भगाओ-जान बचाओ स्लोगन के साथ चीनी मंझे से पतंग न उड़ाने की अपील की। इस दौरान कालेज की प्रधानाचार्य डॉक्टर मुक्ता पांडेय ने छात्राओं से घर और घर के आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने के लिए कहा। कार्यक्रम में अध्यक्ष मुकेश जायसवाल, विजय कपूर, नंदकुमार टोपी वाले सहित कई लोग मौजूद रहे।
लोगों की जिंदगी का महत्व समझें
हाल ही में चीनी मांझे से घायल हुए नरिया क्षेत्र निवासी अंकुर शुक्ला ने कहा कि इस मांझे से पतंग उड़ाने वालों को लोगों की जिंदगी का महत्व समझना चाहिए। जानकारों के अनुसार, चीनी मांझा मैटेलिक पाउडर, नायलॉन, लोहे व कांच के चूरे को मिलाकर बनाया जाता है, इस वजह से इसमें खिंचाव ज्यादा होता है और यह आसानी से टूटता नहीं है। चीनी मांझे की कीमत भी देसी मांझे से कम होती है।
लोगों को किया जागरूक
युवा फाउंडेशन एवं अनमोल सेवा समिति की ओर से सोमवार को हनुमान फाटक इलाके में पतंगबाजी के लिए चीनी मांझे का प्रयोग न करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया। संस्थान के लोगों ने कहा कि यह मांझा शहरवासियों के लिए खतरा बन चुका है। समिति की सीमा चौधरी ने कहा कि इस मांझे की जद में आकर लोग घायल हो रहे हैं। जागरूकता अभियान में अरविंद चक्रवाल, मीना चक्रवाल, मनीष श्रीवास्तव, रवींद्र मिश्रा, मनीष कुमार श्रीवास्तव, रूपक विश्वकर्मा समेत अन्य लोग शामिल थे।